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तेल घोटाले में श्रम कल्याण अधिकारी निलंबित

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16 जून 2020 को प्रकाशित समाचार। - फोटो : Panipat
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पानीपत। शुगर मिल में सरकारी पेट्रोल पंप से करीब 34 लाख रुपये का तेल घोटाला सामने आया है। आरोप है कि चार साल तक बेचे गए तेल की रकम का निजी कामों में उपयोग किया गया है। इसके साथ ही पेट्रोल पंप से करीब 34 से 35 हजार लीटर तेल कम पाया गया, जिसकी कीमत 24 लाख रुपये हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और सीआईडी की रिपोर्ट के बाद मामले में शुगर मिल प्रबंधन ने पेट्रोल पंप के इंचार्ज श्रम कल्याण अधिकारी संजीव शर्मा को निलंबित कर दिया है।
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सीआईडी पंचकूला के पुलिस अधीक्षक ने हरियाणा शुगर फेडरेशन के एमडी को भेजी गई रिपोर्ट में बताया कि संजीव शर्मा के पास शुगर मिल में श्रम कल्याण अधिकारी का पद है। इसके साथ ही उन पर सरकारी पेट्रोल पंप के सेल-परचेज का भी प्रभार है। इससे पहले 14 अक्तूबर 2016 से जुलाई 2020 तक करीब चार साल में आरोपी संजीव शर्मा ने पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल की बिक्री के करीब 34 लाख रुपये का प्रयोग निजी कार्यों के लिए किया।
जब अधिकारियों को इसका पता चला तो संजीव शर्मा को मिल के खाते में रकम जमा कराने के निर्देेश दिए गए। इस पर संजीव ने दिसंबर 2019 में रकम नकद जमा भी करा दी, लेकिन गड़बड़ी के आरोप में विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीआईडी रिपोर्ट के बाद अब शुगर मिल प्रबंधन ने श्रमकल्याण अधिकारी संजीव शर्मा को निलंबित किया है।
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ठेकेदार को उधार में दिया था तेल : रिपोर्ट
रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि जब सरकारी पैसे के दुरुपयोग की जांच में आया कि संजीव ने हुडा के एक ठेकेदार को उधार में ये तेल बेच दिया था। ये ठेकेदार गाड़ियों में गन्ना ढुलाई का काम किया करता था। पूरा मामला साफ होने के बाद रकम जमा करवाई गई।
35 हजार लीटर कम तेल दिखा हड़पे 24 लाख : रिपोर्ट
सीआईडी की रिपोर्ट के अनुसार संजीव शर्मा ने पेट्रोल पंप की तेल बिक्री में बड़ा भ्रष्टाचार किया है। संजीव ने करीब 34 से 35 हजार लीटर तेल रिकार्ड से कम दिखाकर करीब 23 से 24 लाख रुपये हड़प लिए हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता भी जांच कर चुका है। जिसमें संजीव शर्मा पहले ही संदेह के घेरे में आ चुका था। पड़ताल की गई तो रिकार्ड भी कम मिला। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहे हैं।
वर्जन-
संजीव शर्मा निलंबित किए गए हैं
संजीव शर्मा के खिलाफ सीआईडी और मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने शिकायत एवं पड़ताल रिपोर्ट शुगर फेडरेशन को भेजी थी। इसमें संजीव शर्मा पर आरोप सिद्ध हो रहे हैं। इसमें उन पर सरकारी पैसे का निजी प्रयोग करने का आरोप भी था। इसके तहत उन्हें निलंबित किया गया है। - नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल, पानीपत
वर्जन-
नियमानुसार कम मिलता है तेल
सरकारी पैसा निजी प्रयोग करने के आरोप में मुझे निलंबित किया गया है। पेट्रोल पंप के रिकार्ड में पाए गए कम तेल की बात नियमानुसार गलत है। जो तेल आता है वह कभी पूरा नहीं मिलता। इस पर कुछ छूट दी जाती है, जो छूट उन्हें नहीं मिली है। - संजीव शर्मा, एलडब्ल्यूओ, शुगर मिल, पानीपत
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