पानीपत। शहर की कूड़ा उठान कंपनी ने नगर निगम सदन में गठित जनप्रतिनिधियों की कमेटी को अपने संसाधनों पर मैनपावर की लिस्ट भेज दी है। इसमें जेबीएम ने दावा किया है कि उनके पास इस समय 224 वाहन और 429 कर्मचारी हैं, जोकि शहर में कूड़ा कलेक्शन का काम रहे हैं। हालांकि कमेेेटी को शंका है कि जेबीएम के पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न मैनपावर। कमेटी पर जेबीएम के संसाधानों और मैनपावर की मौके पर जाकर जांच कर रही है। पूरी जांच रिपोर्ट को गोपनीय रखा जा रहा है। कमेटी का कहना है कि वे जांच की कार्यवाही को उजागर नहीं कर सकते। इसकी रिपोर्ट सांसद, विधायक व सदन के सामने ही रखी जाएगी।
जेबीएम कंपनी के पदाधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके पास 57 टाटा एस, 106 रिक्शा, 32 बड़े ट्रैक्टर, 10 छोटे ट्रैक्टर, तीन हाईवा, चार जेसीबी, चार डोजर, दो पोकलेन, एक चेन डोजर और एक रोबोट है। इनमें से 26 वार्डों में कूड़ा कलेक्शन के लिए केवल 106 वाहनों को इस्तेमाल किया जा रहा है जोकि जीपीएस से इनेबल हैं। बाकी के व्हीकल कूड़ा लोड करने और सेकेंडरी प्वाइंट से निंबरी डंपिंग स्टेशन तक लाने ले जाने का काम करते हैं। जेबीएम के पदाधिकारियों का कहना है कि वे जीपीएस का लिंक तक देने को तैयार हैं, जिससे निगम कर्मचारी, अधिकारी व पार्षद घर बैठे इनकी लोकेशन को देख सकते हैं। इसके अलावा जेबीएम के पास शहर के सभी सभी वार्डों में 429 कर्मचारी काम रहे हैं। ये रिपोर्ट उन्होंने निगम की गठित जनप्रतिनिधियों की कमेटी को भी सौंपी है।
वाहनों के हॉर्न से लेकर जीपीएस तक की जांच, मॉनिटरिंग तक होगी-
कमेटी जेेबीएम के सभी वाहनों की गहनता से पड़ताल कर रही है। सभी वाहनों में जीपीएस, हूटर वाले हॉर्न व लोकेशन तक मांगी जा रही है। जीपीएस से इन वाहनों की वार्ड वाइज मॉनिटरिंग तक की जा रही है। कमेटी का कहना है कि जांच के बाद वे लिंक पार्षदों को भी देंगे, ताकि पार्षद घर बैठे अपने वार्ड में आने वाली गाड़ियों की मॉनिटरिंग कर सकें।
हर पहलू पर कमेटी की नजर- भट्ट
कमेटी हर पहलू पर जांच कर रही है। अभी जांच का खुलासा नहीं किया जा सकता। जांच रिपोर्ट तैयार करने के बाद ही सांसद, विधायक व सदन के सामने रखी जाएगी।
दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।