अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति 29 जनवरी को उग्रा खेड़ी में प्रस्तावित धरने पर अड़ी है, जबकि प्रशासन उसे इसकी अनुमति नहीं दे रहा। समिति और डीसी के साथ दिनभर तीन दौर की बैठकों के बाद भी दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। समिति ने गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने सभी प्रमुख संस्था प्रमुखों की बैठक कर हर जानकारी साझा करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारी शहर के व्यापारियों के बीच में पहुंचे और उनको भी सुरक्षा का आश्वासन दिया। इंसार बाजार में बाजार एसोसिएशन की बैठक में कई व्यापारियों ने प्रशासन औघ्र पुलिस के रवैये पर चिंता व्यक्त की है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में डीसी से मिलकर 29 जनवरी को उग्रा खेड़ी गांव में शांतिपूर्वक अनिश्चितकालीन धरना देने की अनुमति मांगी। समिति में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रताप दहिया, महासचिव सुरेंद्र मलिक और जिला प्रधान सतबीर देशवाल थे। डीसी ने समिति पदाधिकारियों को सरकार द्वारा जाट आरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में बताया। साथ ही धरना-प्रदर्शन न करने की सलाह दी। समिति पदाधिकारियों ने डीसी ने इसकी अनुमति मांगी। इन सबके बीच पहले दौर की बैठक बेनतीजा रही। डीसी ने इस पूरे मामले को लेकर एसपी राहुल शर्मा से विचार किया। समिति पदाधिकारी कुछ देर विचार करने के बाद फिर मुलाकात करने पहुंचे। लेकिन दूसरे दौर की बैठक में भी कोई समाधान नहीं निकला। समिति पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच दोपहर बाद फिर तीसरे दौर की बैठक हुई। इसमें भी समिति पदाधिकारी उग्रा खेड़ी में ही धरने की अनुमति मांगते रहे। डीसी ने उन्हें शनिवार तक सोचने का समय दिया। इस तरह से तीसरे दौर की बैठक भी बेनतीजा रही।
डीसी ने सामाजिक संगठनों और सदस्यों के साथ की बैठक
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे की अध्यक्षता में शुक्रवार को लघु सचिवालय में विभिन्न सामाजिक संगठनों, कष्ट निवारण समिति के सदस्यों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें सभी संगठनों ने एकमत से जिला प्रशासन के साथ अपना तालमेल बनाने और सहयोग करने पर सहमति जताई। जिला प्रशासन को विश्वास दिलाया कि पानीपत जिला समाज सेवा में पीछे नहीं हटेगा। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी संगठनों का एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें केवल सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और डीसी, एसपी ही होंगे। इसमें ऐसी सूचनाएं प्रेषित की जाएंगी, जिनसे उन लोगों के बारे में पता चल सके, जो अराजकता पैदा करते हैं।
गलत चलने वालों का होगा सही इलाज : एसपी
एसपी राहुल शर्मा ने कहा कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी की असामाजिक तत्वों या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के साथ मिलीभगत पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो कोई भी गलत दिशा में चलेगा, उसका सही तरीके से इलाज होगा। प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसी भी सूरत में भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। एसपी ने सोशल मीडिया पर चलाई जा रही बातों और अफवाहों पर कहा कि सोशल मीडिया लैब ने काम शुरू कर दिया है। इस लैब में विशेषज्ञ, अधिकारी और कर्मचारी लगे हैंञ ये सब फेसबुक, व्हाट्स एप और सोशल मीडिया से जुड़े अन्य संसाधनों पर नजर रखे हुए हैं। सीआरपीएफ की एक टुकड़ी शहर में आ चुकी है। फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है।
पुलिस और सीआरपीएफ ने किया फ्लैग मार्च
पुलिस इस बार आरक्षण आंदोलन की चेतावनी पर पहले ही कमर कसे हुए हैं। जिले में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी आ गई है। 26 जनवरी को थाना शहर और चांदनी बाग में फ्लैग मार्च किया गया। पुलिस और सीआरपीएफ की टुकड़ी सेक्टर-13-17 से चली और जीटी रोड से होते हुए हुडा सेक्टर-11-12 में पहुंची। शुक्रवार को दिल्ली पैरलल नहर पर पेट्रोलिंग की गई।
समिति ने जाट आरक्षण को लेकर पहले ही तारीख निश्चित कर दी है। हम अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। समिति जाटों को आरक्षण देने की मांग कर रही है। प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों केंद्र में 15 जातियों को आरक्षण दिया है। सरकार हाईकोर्ट के फैसले तक केंद्र में इसी तर्ज पर जाटों को आरक्षण दे सकती है। सरकार जाट आरक्षण को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट तक नहीं कर रही है। समिति उग्रा खेड़ी गांव में शांतिपूर्वक धरना देगी। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
सतबीर देशवाल, प्रधान, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
समिति पदाधिकारियों को शनिवार तक का समय दिया है। आरक्षण आंदोलन के नाम पर कानून और व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। प्रशासन और पुलिस द्वारा इस बार किसी तरह की अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।