संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग के सांस अभियान का वीरवार को दूसरा दिन रहा। बुधवार और वीरवार दो दिन में टीम ने लगभग 100 बच्चों की स्क्रीनिंग की। विभाग की टीम घर-घर जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर लोगों को जागरूक किया। जिला नागरिक अस्पताल में 18 नवंबर को नुक्कड़ सभा व नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। सांस अभियान लगभग तीन महीने चलेगा।
विभाग द्वारा बच्चों की निमोनिया से मृत्यु दर को कम करने के लिए यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 12 नवंबर से 28 फरवरी तक चलेगा। अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. नवमीत ने बताया कि निमोनिया से बच्चों की मृत्यु दर बढ़ रही है। इसलिए विभाग ने निमोनिया से होने वाली बच्चों की मृत्यु दर को कम करने के लिए लगभग तीन महीने का जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान का वीरवार को दूसरा दिन रहा। अभियान के तहत एएनएम, आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर बच्चों की जांच करेंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें रेफरल भी किया जाएगा जिनका इलाज जिला नागरिक अस्पताल में होगा। माता की लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। आज के समय में मां द्वारा बच्चों को स्तनपान करवाना कम हो गया है। नवजात को जन्म होते ही बोतल से फीड करवाया जाने लगा है जिससे उनकी रोग प्रतिरोध क्षमता प्रभावित हो रही है और सामान्य बच्चों की अपेक्षा वे जल्दी ही बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में 18 नवंबर को ओपीडी ब्लॉक में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा जिसमें नुक्कड़ सभा व नाटकों के माध्यम से लोगों को ज्यादातर माताओं को जागरूक किया जाएगा कि वे छह महीने तक बच्चे को स्तनपान अवश्य करवाएं क्योंकि मां का स्तनपान करवाना बच्चे को आधे से ज्यादा बीमारियों से दूर रखता है।
सीएचसी-पीएचसी पर भी की जा रही स्क्रीनिंग-
डॉ. नवमीत ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी-पीएचसी पर बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। एएनएम, आशा वर्कर्स घर-घर जाकर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र में पहुंच रहे अभिभावकों को जागरूक कर रही हैं।