हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के जीजा और विधानसभा के पूर्व स्पीकर सतबीर कादियान के बेटे देवेंद्र कादियान के साथ मध्यप्रदेश के होशंगाबाद निवासी पिता-पुत्र ने 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। जेजेपी नेता का आरोप है कि आरोपियों ने दिल्ली के वसंतकुज में रजिस्टरी कराने के नाम पर उससे 2 करोड़ रुपये अपने खाते में आरटीजीएस कराए, लेकिन उनके नाम रजिस्टरी नहीं कराई। आरोप है कि दो करोड़ में से 1.25 करोड़ रुपये ही लौटाए। सेक्टर 29 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) की ओर से विधानसभा 2019 में ग्रामीण हल्के से चुनाव लड़ चुके देवेंद्र कादियान ने आर्थिक अपराध शाखा को दी शिकायत में बताया कि वह गांव सिवाह के पास डीएस इंफ्रा कंपनी के मालिक हैं। कंपनी में लेखाजोखा और प्रबंधक के रूप में जसपाल काम करते हैं। जसपाल की मध्यप्रदेश के जिले होशंगाबाद के नेहरू-13 वार्ड पिपरिया के अजीत सिंह और उनके बेटे रसमीत सिंह मल्होत्रा से मुलाकात हुई थी। दोनों के एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध थे। पिता-पुत्र ने दिल्ली के वसंतकुंज में अपनी जमीन बताकर उसे बेचने के लिए कहा। उन्होंने जमीन देख ली, जिसके बाद जमीन के दो टुकड़ों का सौदा दो करोड़ रुपये में तय किया। आरोपियों ने दो करोड़ रुपये पहले अपने खाते में आरटीजीएस कराने की बात कही तो उन्होंने मई 2018 से जुलाई 2018 के बीच उनकी फर्म के खाते में दो करोड़ रुपये आरटीजीएस करा दिए। आरोप है कि आरोपियों ने रुपये लेने के बाद भी रजिस्टरी उनके नाम नहीं कराई। अंत में उन्होंने रुपये मांगे तो जनवरी 2021 से मार्च 2021 तक 1.25 करोड़ रुपये वापस किए, लेकिन बचे हुए 75 लाख मांगे तो आरोपियों ने देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
बालू खदान के कारोबार में घाटा हुआ तो नेता ने प्रॉपर्टी में बदला मामला
जिस रसमीत सिंह मल्होत्रा पर जजपा नेता देवेंद्र कादियान ने आरोप लगाया है, उन्होंने कहा कि उनकी दिल्ली के वसंतकुंज में कोई भी प्रॉपर्टी नहीं है, न ही उनकी देवेंद्र कादियान के साथ प्रॉपर्टी की रजिस्टरी नाम कराने की बात हुई। उनका उत्तर प्रदेश के जिले बागपत में बालू खदान का काम है। जिसमें देवेंद्र कादियान हिस्सेदारी करना चाहता था। उन्होंने काम शुरू किया तो दो करोड़ रुपये खर्च हुए। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगा तो कारोबार में घाटा हो गया। फर्म से 1.25 करोड़ रुपये तो वापस आ गए, लेकिन 75 लाख रुपये का कारोबार में घाटा हो गया। उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उनके पास देवेंद्र कादियान की रिकार्डिंग के साथ-साथ अन्य कई सबूत हैं।
जमीन किसी और के नाम मिली तो आरोपियों ने कहा खदान में हिस्सा ले लो : देवेंद्र कादियान
देवेंद्र कादियान ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र द्वारा दिखाई गई जमीन की जांच हुई तो वह किसी और के नाम मिली, लेकिन आरोपी इससे पहले दो करोड़ रुपये अपने खाते डलवा चुके थे। उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने बागपत में खदान में हिस्सेदारी करने की पेशकश की। उन्होंने हां कर दी, लेकिन जब उन्होंने खदान की साइट पर जाकर जांच की तो पता चला कि वहां एनजीटी ने खुदाई पर रोक लगा रखी है। ऐसे में हिस्सेदारी भी नहीं हुई।
एक ही खदान को पिता-पुत्र ने चार से पांच बार बेचा
देवेंद्र कादियान का कहना है कि आरोपी पिता-पुत्र रजिस्टरी कराने के नाम पर लोगों को फंसाते हैं। उनसे रुपये ऐंठते हैं और हकीकत सामने आने पर आरोपी खदान में हिस्सेदारी करने का ऑफर रखते हैं। पीड़ित मजबूरी में हां कर देता है। आरोपी हिस्सेदारी डाल देते है, लेकिन उसका हिस्सा पीड़ित को नहीं देते हैं। देवेंद्र कादियान ने बताया कि आरोपियों ने पहले धोखाधड़ी से गाजियाबाद निवासी आशीष आहूजा के नाम खदान की हिस्सेदारी कराई, लेकिन उसे कोई हिस्सा नहीं दिया। उसने तीन करोड़ रुपये वापस मांगे तो उसे धमका डराकर चुप करा दिया। उसके बाद खदान में उनकी हिस्सेदारी डलवाई, लेकिन उन्हें भी कोई हिस्सा नहीं दिया।
डेढ़ साल पहले दी थी शिकायत, अब जाकर हुआ केस दर्ज
हरियाणा में जेजेपी पार्टी की गठबंधन की सरकार होने के बावजूद भी पूर्व प्रत्याशी देवेंद्र कादियान की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। देवेंद्र कादियान ने बताया कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ डेढ़ साल पहले शिकायत दी थी, लेकिन आरोपियों की चंडीगढ़ मेें उच्च अधिकारियों के साथ साठगांठ होने की वजह से मामला दर्ज नहीं हो पाया। उन्होंने पूर्व एसपी सुमित कुमार को भी शिकायत दी थी, तब आरोपियों ने उनके सामने रुपये वापस लौटाने के लिए कहा था, लेकिन उनका ट्रांसफर होते ही आरोपी मुकर गए। अब 20 दिन पहले वह डीजीपी हरियाणा से मिले और तथ्य दिखाकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद मामले में केस दर्ज हुआ।
देवेंद्र कादियान की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
-पूजा वशिष्ठ, एएसपी, पानीपत।