पानीपत। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मारपीट करते हुए।
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पानीपत। सिविल अस्पताल में मायका पक्ष के लोगों ने ससुरालियों पर हमला कर दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग ससुर और सास को इमरजेंसी वार्ड में 10 मिनट तक लात घूंसों से पीटा। इसके बाद आरोपी ससुरालियों की बुरी तरह से पिटाई कर वहां से फरार हो गए। इससे पहले आरोपियों ने ससुरालियों को उनके घर पर भी पीटा था। अब पीड़ित शनिवार दोपहर को सिविल अस्पताल में अपना मेडिकल कराने पहुंचे थे।
भोला चौक निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने बेटे शादी बिल्लू कॉलोनी निवासी युवती से कुछ माह पहले की थी। शादी के बाद से ही दंपति के बीच मन-मुटाव रहने लगा। युवती की मांग थी कि वह उनसे अलग रहेगी। दोनों अलग भी रहने लगे लेकिन एक दिन बेटे ने बहू को घर के दरवाजे पर खड़े होने पर टोक दिया तो उसने मायके से लोगों को बुलवा लिया और बेटे के साथ मेरी और पत्नी की पिटाई कर दी।
उन्होंने मामले को पंचायती तौर पर निपटाया लेकिन शनिवार सुबह भी आरोपी उनके घर पहुंच गए और फिर हमला कर दिया। वे मेडिकल करवाने के लिए घायल सिविल अस्पताल पहुंचे तो आरोपियों ने वहां भी हमला कर उन्हें पीट दिया। इसके बाद वे चंपत हो गए।
नहीं पहुंची सिविल अस्पताल चौकी पुलिस
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में इन्हीं लड़ाई-झगड़ों को देखते हुए एसपी शशांक कुमार सावन ने अस्पताल के मेन गेट पर अस्थाई तौर पर सिविल चौकी खोली थी। चौकी की दूरी एमरजेंसी वार्ड से करीब 250 मीटर दूरी पर है। मगर, इस चौकी के मुलाजिम वारदात खत्म होने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में डॉक्टर भी पुलिस की इस कार्य प्रणाली से नाराज हैं।