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30 सितंबर तक पीएनजी की सप्लाई नहीं तो तो लगेंगे उद्योगों पर ताले

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पानीपत। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने 30 सितंबर तक कोयले से चलने वाले उद्योगों को पीएनजी गैस पर शिफ्ट करने आदेश दिए हैं। इन आदेशों पर अब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्यमियों को चेताया है। उद्यमियों को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए सूचना सार्वजनिक कर दी है। इससे उद्यमियों में रोष है। उद्यमियों का आरोप है कि एक्यूएम उन्हें पलायन के लिए मजबूर कर रहा है।
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एक्यूसीएम आर्डर संख्या 53 में पूरे एनसीआर में लगे उद्योगों के लिए ये आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार जहां पीएनजी की सप्लाई है वहां पर उद्योग पीएनजी पर चलेंगे, जहां पीएनजी की सप्लाई नहीं है वहां पर उद्योग बायोमास पर ही चल सकते हैं। इन आदेशों को लेकर टेक्सटाइल उद्योग, डाइंग और प्रिटिंग उद्योग संचालकों में दहशत है। पानीपत के टेक्सटाइल निर्यात उद्योग और हैंडलूम उद्योग डाइंग और प्रिटिंग पर निर्भर है। अब यहां के उद्योगों ने पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। अन्य प्रदेशों के औद्योगिक क्षेत्रों में प्लाट की तलाश शुरू हो गई है।
प्रदेश का 64 प्रतिशत हिस्सा और 95 प्रतिशत उद्योग एनसीआर में
प्रदेश का 64 फीसदी हिस्सा एनसीआर में है जबकि 95 प्रतिशत उद्योग एनसीआर में स्थित है। इन नए आदेश से पूरे एनसीआर के उद्योग प्रभावित होंगे। पानीपत से 15 हजार करोड़ का निर्यात होता है। 90 हजार करोड़ का घरेलू टेक्सटाइल उत्पादन यहां होता है। अकेले पानीपत में सात लाख श्रमिक कार्यरत हैं। आठ लाख परिवार का प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार यहां के टेक्सटाइल उद्योगों से चलता है। उद्योग बंद अथवा पलायन करने पर राजस्व के साथ-साथ रोजगार का संकट पैदा होगा।
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अन्य प्रदेशों में टेक्सटाइल उद्योगों में सस्ता फ्यूल
सूरत, पालनी अहमदाबाद, लुधियाना, कोसी अमृतसर में सस्ता ईंधन खपत होता है। गुजरात में लिग्नाइट कोयला लगता है। जो पांच रुपये प्रति किलोग्राम आता है। पंजाब के लुधियाना में पेटकोक का इस्तेमाल होता है। जो 15 रुपये किलोग्राम मिलता है।
यहां महंगा ईंधन हो रहा प्रयोग
पानीपत में पेट कोक पर प्रतिबंध पहले से लागू है। यहां जो कोयला स्टीम के लिए प्रयोग किया जा रहा है वह 11 रुपये किलोग्राम पड़ रहा है। यदि पीएनजी लागू की जाए तो 58 रुपये पड़ेगी। इसलिए पीएनजी स्टीम से ढाई गुना महंगी पड़ेगी। लुधियाना, सूरत, अहमदाबाद, कोसी से चार गुना यहां के उद्योगों को मिलने वाले स्टीम की लागत बढ़ जाएगी। यही कारण है कि यहां के उद्योग मुकाबले में टिक नहीं सकते। इसी कारण से उद्योग पलायन पर मजबूर होंगे।
पर्यावरण मंत्री से करेंगे मुलाकात : भीम
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा का कहना है कि सेक्टर 29 पार्ट 2 में 250 फैक्टरी लगी हैं। कुराड़ रोड पर भी उद्योग लगे हैं। वहां कामन बायलर की सुविधा दी जाए। इस समस्या के हल के लिए सांसद संजय भाटिया के माध्यम से पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से उद्यमी मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पलायन तय है।
हाल में उद्योगों के लिए ये आदेश हुए जारी
2 दिसंबर 2021 : कोयला आधारित इंडस्ट्री के लिए आदेश जारी हुआ। जिसके तहत सोमवार-शुक्रवार सिर्फ 8 घंटे इंडस्ट्री चलेगी। शनिवार-रविवार को इंडस्ट्री बंद रहेगी।
11 दिसंबर 2021 : 13 दिसंबर से कोल आधारित सिर्फ 8 घंटे इंडस्ट्री चलाने की अनुमति दी गई। शनिवार-रविवार को इंडस्ट्री बंद रहेगी।
4 फरवरी 2022 : इंडस्ट्रीज को सातों दिन चलाने की छूट मिल गई। साथ ही यह शर्त भी जोड़ दी गई कि जितनी जल्दी हो सके, इंडस्ट्रीज गैस या बायोमास फ्यूल्स में बदल लें।
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15 फरवरी: एचएसपीसीबी ने उद्योगों को अल्टीमेटम देते हुए ये सूचना सार्वजनिक कर दी कि 30 सितंबर के बाद बिना पीएनजी वाले उद्योग बंद होंगे।
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