नहर किनारे पत्नी जरीना की मौत को सड़क हादसे का रूप देने वाले आरोपी पति नसीब निवासी गांव कुराना ने उसकी हत्या की थी। उसने पूरी योजना इसलिए रची ताकि वह कार और बाइक की किस्त माफ करवा सके और सड़क हादसे में मौत पर बीमा के 15 लाख रुपये हड़प सके।
सीआईए-3 प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि मृतक महिला के पति नसीब पर संदेह होने पर गहनता से पूछताछ की तो उसने पत्नी जरीना की हत्या करना कबूल लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी नसीब से खुलासा हुआ कि वह पत्नी को पसंद नहीं करता था । उसने योजना बनाई कि पत्नी जरीना की हत्या कर बीमा के पैसे हड़प लिए जाए। आरोपी नसीब ने जून में पत्नी जरीना के नाम पर एक बाइक और एक आई-10 कार एजेंसी से निकलवाई और साथ ही वाहनों को फाइनेंस करवाते हुए आरोपी ने ऐसी स्कीम को चुना, जिसमें वाहन मालिक की मौत होने पर बची सभी किस्तें माफ हो जाएं और परिजनों को 15 लाख रुपये की राशि मिल सके। आरोपी नसीब 30 जून को पत्नी जरीना को पानीपत रोहतक बाईपास पर सिवाह के नजदीक ले गया, वहां बातों में उलझाते हुए जरीना को एक ट्रक के आगे धक्का दे दिया। जरीना की मौके पर मौत होने के बाद पहले से तय योजना के तहत अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से ट्रक चलाते हुए पत्नी की हत्या करने का मुकदमा दर्ज करवा दिया।
- यह बनाई थी झूठी कहानी:
30 जून को सेक्टर-29 में नसीब निवासी गांव कुराना ने शिकायत दी थी कि 29 जून की रात उसकी पत्नी जरीना को पेट में दर्द हो गया। 30 जून को दवाई दिलवाने के लिए वह पत्नी जरीना को कार में बैठाकर पानीपत ले जा रहा था। पानीपत, रोहतक बाईपास पर दोनों नहरों से थोड़ा आगे निकलने पर जरीना को उल्टी आने को हुई तो उसने कार को सड़क किनारे साइड में रोक लिया। जरीना कार से नीचे उतरकर टहलने लगी, इसी दौरान एक ट्रक चालक ने लापरवाही से ट्रक को चलाते जरीना को सीधी टक्कर मार दी और उसे रौंदते हुए चला गया। पत्नी जरीना की मौके पर ही मौत हो गई। चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया और वह ट्रक का नंबर भी नोट नहीं कर सका।