पानीपत। सिविल अस्पताल में पिछले सवा माह से हेपेटाइटिस यानी काला पीलिया की जांच की किट का स्टॉक खत्म है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सिविल अस्पताल से कूपन लेकर निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है, लेकिन इनकी रिपोर्ट देरी से मिल रही हैं। इससे मरीज परेशान हैं।
निजी लैब सरकार के पैनल पर है, जिन्हें सरकार एक टेस्ट के 3500 रुपये अदा करती है। निजी लैब में जांच होने के कारण रोगियों को एक से दो सप्ताह तक रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है। किट के लिए विभाग दो बार पत्र भेज चुका है, लेकिन वेयर हाउस में ही काला पीलिया की किट की कमी है। अस्पताल को काला पीलिया की जांच शुरू होने के बाद एक बार ही किट मिली है। एक किट से 90 मरीजों की जांच हो सकती है। ये जांच विभाग जुलाई और अगस्त में कर चुका है। सिविल अस्पताल में तीन साल पहले हेपेटाइटिस-बी का इलाज शुरू हुआ था। अब तक यहां 3250 मरीज इलाज ले चुके हैं। फिलहाल सिविल अस्पताल में 340 लोगों का इलाज चल रहा है।
निशुल्क जांच के लिए मिलता है कूपन
हेपेटाइटिस रोग की पुष्टि करने के लिए मरीज को सरकारी अस्पताल एक कूपन जारी कर रहा है। इसके जरिए ही मरीज निजी लैब में निशुल्क वायरल लोड टेस्ट कराता है। जांच रिपोर्ट के बाद उसी कूपन से मरीज को निशुल्क दवा दी जाती है। कोर्स पूरा करने पर तीन माह का रेस्ट दिया जाता है। इसके बाद दोबारा जांच की जाती है। रोग के लक्षण हैं तो दोबारा तीन माह तक इलाज कराना पड़ता है।
हेपेटाइटिस के लक्षण
-त्वचा और आंखों का पीला होना।
-मूत्र का रंग गहरा पीला हो जाना।
-अत्यधिक थकान, उल्टी आना।
-पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।
-भूख कम लगना, बुखार आना।
हेपेटाइटिस से बचाव
-रेजर, टूथब्रश किसी से शेयर न करें।
-टैटू बनवाते समय उपकरणों को सैनिटाइज कराएं।
-कान में छिद्र करने वाली मशीन की सुई सैनिटाइज कराएं।
-असुरक्षित संभोग से परहेज बरतें।
-मसालेदार व तैलीय भोजन न करें।
-बीमारी के लक्षण दिखें तो इलाज कराएं।
जल्द किट उपलब्ध कराएंगे: डॉ. ग्रोवर
किट की कमी की जानकारी मिली है। इस संबंध में लैब इंचार्ज से बात की गई, जल्द से जल्द किट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ, सिविल अस्पताल