संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। उग्रा खेड़ी गांव निवासी किसान का बेटा अमन मलिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैंडबॉल में देश का नाम रोशन कर रहा है। बचपन से हैंडबॉल में रुझान होने के चलते अमन ने इसी खेल में अपनी पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बन गया है। अमन ने पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। आज तीनों भाई मिलकर खेती को संभाल रहे हैं। अमन अपने खेल को लेकर भी सजग है। हाल ही में हिमाचल के सुंदरनगर में आयोजित प्रतियोगिता में पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला की तरफ से हिस्सा लिया। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
अमन मलिक ने बताया कि उसके पिता सुंदर मलिक किसान थे। मां कौशल्या गृहिणी हैं। पिता की मौत के बाद उन पर परिवार की जिम्मेदारी आई। वह तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं। वे तीनों भाई आज अपने परिवार को संभाल रहे हैं। वह बचपन से ही हैंडबॉल खेल रहा है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बन देश का नाम रोशन कर रहा है। अमन खेलों के साथ अपनी पढ़ाई को भी पूरी कर रहा हैं। फिलहाल वह पंजाब पटियाला यूनिवर्सिटी में बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा हैं। गांधीनगर साईं स्टेडियम में प्रतिदिन अभ्यास करते हैं।
वह 25 बार नेशनल स्तर पर खेल चुका हैं और हर बार पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इससे पहले भी अमन कई बार खेल चुके हैं और पदक अपने नाम कर चुका है। 2018 में पाकिस्तान में आयोजित प्रतियोगिता में देश की टीम का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने इसमें स्वर्ण पदक जीता था। 20 से 23 दिसंबर तक हिमाचल के सुंदरनगर में आयोजित प्रतियोगिता में पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला की तरफ से हिस्सा लिया।