पानीपत। वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार शुक्रवार को हाली पार्क की झील में पानी आया है। इसके लिए निगम की टीम ने असंध रोड दिल्ली पैरलल नहर से लेकर हाली पार्क तक करीब दो किलोमीटर लंबी वाटर लाइन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। ये लाइन 18 इंच की है। इसके जरिए लगातार एक महीने तक झील में पानी छोड़ा जाएगा। तब जाकर झील भर पाएगा। निगम इंजीनियर्स के मुताबिक झील में करीब 10 करोड़ लीटर नहरी पानी आएगा। इसकी खास बात ये रहेगी कि शहर के लोग 25 साल बाद झील में बोटिंग का आनंद तो ले ही पाएंगे साथ में झील के दस किलोमीटर तक के दायरे में भूजल का भी रिर्चाज होगा।
इससे शहर में ठप पड़े पीने के पानी के ट्यूबवेल का वाटर लेवल उभरेगा। इस झील को भरने में करीब एक माह का समय लगेगा यानी 15 मई तक हाली पार्क की झील नहरी पानी से भर जाएगी। इसमें एक माह का समय इसलिए लगेगा क्योंकि सालों से सूखी पड़ी झील की धरती भी काफी मात्रा में पानी को सोखेगी। जब भूजल का स्तर सामान्य होगा तब झील भरेगी।
गौरतल है कि पानी की लाइन पहले ही बिछा दी गई थी। नहर किनारे पंपिंग स्टेशन भी बनाया गया है। अभी तक बिजली निगम की ओर से कनेक्शन नहीं मिल सका है। इसलिए अब पंपसेट के जरिए पानी उठाकर पानी की लाइन में डाला जा रहा है। कनेक्शन मिलने के बाद मोटर इस पानी को लाइन के जरिए झील तक पहुंचाएगी। लाइन को शुरू करने में काफी समस्या जरूर आई लेकिन इसके टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
ये रहेगा आर्कषण का केंद्र
करीब 22 एकड़ में फैले हाली पार्क के जीर्णोद्धार के लिए निगम करीब साढ़े 23 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसमें पुरानी झील को और भी गहरा और भी बड़ा बनाया गया है। झील के ऊपर एक पुल, सैलानियों के लिए बोटिंग व्यवस्था, पार्क के बीच में राष्ट्रीय ध्वज के लिए 100 फीट ऊंचा पोल, रेस्टारेंट और बार, ओपन जिम और ओपन एयर थियेटर, ऑडिटोरियम, क्यूसेक यानी सर्कुलर शेप में एक मार्केट, लाइटिंग सिस्टम, पेड-पौधे व घास, विशेष प्रकार के बैंच, हट शेप व छाता शेप, पिलरों पर इटालियन पत्थर और वूडन कारीगरी की टाइल पार्क की सुंदरता में चार चांद लगाएंगी।
एक माह में भर जाएगी झील
झील में नहरी पानी छोड़ दिया गया है। एक माह में झील भर जाएगी। इससे झील के दस किलोमीटर तक के दायरे का भूजल भी रिचार्ज होगा। भूजल स्तर नीचे जाने से ठप पड़े ट्यूबवेल भी पानी देंगे। इससे शहर की पीने के पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी। -अजय छौक्कर, कनिष्ठ अभियंता, नगर निगम।