पानीपत। 31 मार्च को हल्दी घाटी में होने वाले कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए निगम आयुक्त, प्
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पानीपत। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आईटीआई विद्यार्थी महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा को प्रस्तुत किया जाएगा। एसडी पीजी कॉलेज में 31 मार्च को ‘हल्दी घाटी’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनमानस में देशप्रेम की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की इच्छा पर महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा से नई पीढ़ी का साक्षात्कार कराया जाएगा। खास बात है कि इस नाटक की प्रस्तुति नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ओर से की जाएगी, जिसमें भाग लेने वाले विद्यार्थी गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले हैं।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और बिजली विभाग हरियाणा के सानिध्य में शुरुआत समिति के माध्यम से कॉलेज में दो मार्च को एनएसडी कार्यशाला शुरू हुई थी, जिसका 31 मार्च को समापन है। यह कार्यशाला हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का महत्वाकांक्षी प्रयोग है। इसमें हिस्सेदारी निभाने वाले सभी विद्यार्थी गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों से हैं। यह कार्यशाला हरियाणा सरकार के अंत्योदय उत्थान वर्ष 2022 का हिस्सा है। कार्यशाला में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के सौजन्य से आठ विशेषज्ञ प्रोफेसर अभिनय, संवाद, संगीत, वस्त्र, साजसज्जा, वाद्ययंत्र, कोरियोग्राफी, सेट डिजाइनिंग एवं प्रकाश व्यवस्था जैसी विधाओं में दक्ष होने का अवसर दे रहे हैं।
आईटीआई के 60 विद्यार्थी हैं कार्यशाला का हिस्सा
आईटीआई संस्थान पानीपत के 60 विद्यार्थियों का समूह इस कार्यशाला के साथ ही नाटक का हिस्सा होंगे। इस समूह में 40 लड़कियां एवं 20 लड़के शामिल हैं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के प्रख्यात रंगकर्मी लोकेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि हरियाणा में रंगमंच के स्रोत रागिनी और सांग में मौजूद है। हिंदी रंगमंच के माध्यम से युवाओं ने पंरपराशील नाट्य स्रोत के रूप में हल्दी घाटी की ऐतिहासिक घटना के माध्यम से नाटक तैयार किया जा रहा है।