फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: पानीपत रिफाइनरी बनाएगा ग्रीन जेट फ्यूल, 2025 से पहले उत्पादन शुरू

Sat, 15 Apr 2023 02:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत

सार

प्लांट करीब तीन हजार करोड़ रुपये से लगाया जाएगा। इंडियन ऑयल और अमेरिकी कंपनी की पहल है, जिसमें एयरलाइंस कंपनी भी पूंजी लगाएगी। यूरोपीय देशों में 2025 से एल्कोहल मिश्रित फ्यूल वाले जहाज ही कर लैंड सकेंगे।
विज्ञापन
पानीपत रिफाइनरी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी में ग्रीन जेट फ्यूल बनाया जाएगा। इसके लिए करीब तीन हजार करोड़ का प्लांट रिफाइनरी में लगाया जाएगा। प्लांट में 50 प्रतिशत शेयर इंडियन ऑयल का होगा और 25 प्रतिशत शेयर अमेरिका की कंपनी लैंजाजेट इंक का होगा। बाकी 25 प्रतिशत शेयर एयरलाइंस कंपनी के समूह का होगा। प्लांट में एक साल में 85 हजार मीट्रिक टन फ्यूल उत्पादन की तैयारी है। उम्मीद है कि यहां 2025 से पहले फ्यूल तैयार किया जा सकेगा।
विज्ञापन


दरअसल यूरोपीय देशों में 2025 से सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) प्रयोग करने वाले जहाज लैंड हो सकेंगे। ऐसे में एसएएफ बनाने के लिए इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी आगे आई है। इसके लिए रिफाइनरी में ही प्लांट लगाने का फैसला लिया गया है।

प्लांट की अनुमानित राशि करीब तीन हजार करोड़ रुपये आंकी गई हैं। इसको लेकर तैयारी कर ली गई है। जल्द ही प्लांट का काम शुरू किया जाएगा। रिफाइनरी के अंदर ही यह प्लांट लगाया जाएगा। रिफाइनरी को बाहर जमीन नहीं लेनी पड़ेगी।
विज्ञापन


पहले से एथनॉल बना रही रिफाइनरी
पानीपत रिफाइनरी एथनॉल ऑयल पहले से ही बना रही है। अब एथनॉल में पांंच प्रतिशत अलग से कैमिकल मिलाया जाएगा। इससे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) बनाया जाएगा। रिफाइनरी के एक अधिकारी ने बताया कि इसको जहाज के ऑयल में प्रयोग किया जाएगा।

इससे कार्बन में 40 से 50 प्रतिशत की कमी आएगी। अधिकारियों के अनुसार, देश में एयरक्राफ्ट ऑयल की मांग बढ़ रही है। इसको देखते हुए इंडियन ऑयल कंपनी आगे आई है। इसमें इंडियन ऑयल 15 सौ करोड़ और अमेरिका की कंपनी 750 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। एयरलाइंस का निवेश अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें