खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आदेशा पर जिला पुलिस ने दोनों राशन डिपो होल्डरों के खिलाफ कई धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। खाद्य एवं आपूर्ति की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी विभाग ने करीब 40 डिपो की सप्लाई को सस्पेंड कर दिया था। जनता को इससे कोई नुकसान न हो इसके लिए इन डिपो धारकों की सप्लाई को तुंरत दूसरे डिपो धारक के साथ जोड़ दिया गया था। विभाग की इस कार्रवाई से जिले के सभी डिपो होल्डरों में हड़कंप मचा हुआ है।
विभाग अधिकारियों ने बताया कि राशन कार्ड में धांधली का ये खेल पिछले तीन महीने से चल रहा था। जिसकी एक राशन कार्ड होल्डर ने शिकायत दी थी। जांच में डिपो होल्डर दोषी मिले। जांच में डिपो होल्डर से 35 किलो गेहूं का गड़बड़झाला भी सामने आया। विभागीय आदेशो के बाद इन पर पुलिस एफआईआर दर्ज करवाई गई।
खटीक बस्ती निवासी धीरज खन्ना की शिकायत थी कि डिपो होल्डर ने उनकी माता का आधार कार्ड दूसरे राशन कार्ड के साथ लिंक कर दिया। इससे उनका राशन उन्हें मिलने की बजाए दूसरों को दिया जा रहा था। इसकी शिकायत उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दी। जिसके बाद एएफएससी ने तुरंत जांच करने के आदेश जारी किए।
एफएससी अनिता खर्ब ने बताया कि एक उपभोक्ता ने शिकायत दी थी कि किशनपुरा डिपो होल्डर ने उसका आधार कार्ड ले लिया और किसी दूसरे राशन कार्ड में चढ़ा दिया। इससे लाभार्थी को राशन मिलने की बजाए उसका राशन किसी दूसरे को दिया जा रहा था। उपभोक्ता की शिकायत पर हमने इंस्पेक्टर राजीव सैनी को जांच के आदेश दिए थे। जांच में डिपो होल्डर दोषी पाए गए। जिसके बाद इंस्पेक्टर संदीप को पुलिस में मामला दर्ज करवाने के लिए कहा गया था।