पानीपत। काबड़ी रोड स्थित मुंझाल स्पिनिंग मिल में वीरवार की दोपहर 12:40 पर लगी आग में पेंटर के साथ काम करने आया मजूदर की जिंदा जल गया। स्थानीय लोगों ने मिलकर उसे सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि दमकल विभाग की सात गाड़ियां आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गईं थी और आग पर दो घंटे में काबू पा लिया था, लेकिन रुई में रात तक धुआं उठता रहा, जिसे फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर बुझाने में जुटे रहे।
काबड़ी रोड पर मुंझाल स्पिंनिग मिल है, जिसमें पेंट किया जा रहा था। वीरवार को ठेकेदार के साथ उत्तर प्रदेश के लखीमपुरी खीरी निवासी मोहम्मद रफीक (35) पुत्र शाबिर भी काम करने के लिए आया था। दोपहर को 12:40 बजे जिस समय फैक्टरी में आग लगी, वह अंदर सो रहा था। आग लगने की सूचना पर हड़कंप मच गया। हर तरफ चीख-पुकार मच गई। इसी बीच रफीक अंदर झुलसता रहा, लेकिन मजदूरों की चीख-पुकार में रफीक की आवाज दब गई। उसे स्थानीय लोगों ने सामान्य अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फैक्टरी मालिक महेंद्र मुंझाल का कहना है कि रफीक उनका मजदूर नहीं था, लेकिन फिर भी वह दुख की घड़ी में परिवार के साथ है। वह परिवार की हर संभव मदद करने का तैयार हैं।
दमकल विभाग की सात गाड़ियों ने लगाए 15 चक्कर
दमकल अधिकारी रामेश्वर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। सातों गाड़ियों ने मिलकर करीब 15 से 20 चक्कर लगाए और दोपहर 2:40 बजे तक आग पर काबू पा लिया। हालांकि रुई में देर शाम भी आग सुलग गई थी, लेकिन फैक्टरी में लगे वर्करों उस पर कंट्रोल करने जुटे रहे।
तीन बच्चों का पिता था रफीक-
मृतक रफीक के भाई मोहम्मद आमीन ने बताया कि रफीक शादीशुदा था। उसके तीन बच्चे है। वह मेहनत मजदूरी करता था। उनके पास तो फैक्टरी से कॉल आया कि आगजनी में रफीक झुलस गया है, उसे अस्पताल लेकर गए है। जब वह अस्पताल पहुंचे तो रफीक की मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। परिजनों के बयान पर पंचनामा तैयार किया और शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
- राजपाल सिंह, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी