क्षेत्र के बांध, मांडी व डाहर गांव में लगी आग में 66 एकड़ खड़ी गेेेहूं की फसल जल कर राख हा गई। आग बांध गांव के खेतों की तरफ से शुरू हुई व साथ लगते मांडी के खेतों तक पहुंच गई। दमकल विभाग की गाड़ियां चौंसठ एकड़ फसल राख होने के बाद पहुंची। जिससे किसानों में रोष व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को बांध गांव के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। किसानों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन गेहूं की फसल पूरी तरह से पकने के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग आगे बढ़ती चली गई और बांध गांव की सीमा को पार करते हुए मांडी गांव के खेतों में पहुंच गई।
ग्रामीणों ने दमकल विभाग को इसकी सूचना दी। ग्रामीण दमकल विभाग की गाड़ियों का इंतजार करने की बजाय खुद ही आग पर काबू पाने में लग गए। बांध व मांडी के साथ पूठर के ग्रामीण भी आग पर काबू पाने को पहुंच गए। तीन गांवों के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दो गांव की चौंसठ एकड़ गेहूं राख होने के बाद दमकल विभाग की पांच गाड़ियां पहुंची। आग लगने की वजह बिजली केबल से निकली चिंगारी बताई जा रही है। आग में बांध के किसान नरेश कुमार के पांच एकड़, सतपाल के तीन एकड़, जोगेंद्र के तीन, राजबीर के दो, रविंद्र के दो, राज के चार, मौजी के दो, कमल व महाबीर के एक-एक एकड़, मांडी के किसान धर्मपाल के पंद्रह, धूप सिंह के चार एकड़, हवासिंह के चार, सुरजा के दो, रामनारायण के चार, सतपाल के चार, प्रकाश के चार, सुरेश के दो, कृष्ण व रामचंद्र के एक-एक एकड़ फसल जल गई। वहीं, डाहर गांव में आग लगने से राजबीर की दो एकड़ जल गई।