दिल्ली से मनाली जा रही ट्रैवलिंग बस में पानीपत के समालखा फ्लाईओवर पर अचानक आग लग गई। आनन-फानन में बस चालक ने वाहन को रोककर उसमें सवार दो बच्चों समेत 10 लोगों को नीचे उतारा। घटना की सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी गई। पौने घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। घटना के दौरान जीटी रोड पर एक घंटा तक जाम लगा रहा। इस बीच बस में रुक-रुककर धमाके होते रहे। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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बोनट से निकलता दिखा धुआं
जानकारी के अनुसार चालक नवदीप सिंह और राजकुमार निवासी मलौड, पंजाब ट्रैवलिंग बस चलाते हैं। दोनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गुजरात के आठ सैलानियों को लेकर मनाली जा रहे थे। बस में दो बच्चों समेत आठ सैलानी व दो चालक थे। समालखा फ्लाईओवर के पास बस के बोनट से धुआं निकलने लगा। चालक राजकुमार ने तुरंत बस रोक दी और सवारियों को नीचे उतारा। बस को खाली कर दिया गया।
45 मिनट बाद आई फायर ब्रिगेड
आग लगने की सूचना पर चौकी पुलिस व हाईवे पुलिस भी मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। वाहन में आग लगने के दौरान जीटी रोड से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने वाहनों में मौजूद अग्निशमन यंत्रों से उसे बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वो सफल नहीं हो सके। करीब 45 मिनट बाद अग्निशमन की गाड़ी मौके पर पहुंची और इसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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जलती बस पीछे खिसकने लगी तो ट्राला चालक ने दिखाई सूझबूझ
आग तेज होने पर बस के ब्रेक फेल हो गए और पीछे जीटी रोड पर खिसकने लगी। 100 मीटर खिसकने के बाद वहां से गुजर रहे एक ट्राले के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को साइड मारकर डिवाइडर के किनारे लगा दिया, जिससे आग लगा वाहन जीटी रोड पर आ रहे अन्य वाहनों से टकराने से बच गया और एक बड़ा हादसा बच गया।
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लोगों ने उठाए सवाल
सुभाष कुहाड़, नवीन आदि ने बताया कि फायर ब्रिगेड में फोन करने के करीब पौने घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन तब तक वाहन जल चुका था। लोगों ने कहा कि ऐसा विकास किस काम का, जब आपातकाल में लोगों को बचाने के लिए सुविधा उपलब्ध नहीं है।
सब फायर ऑफिसर विनोद कुमार का कहना है कि गांव कारकौली में धान में आग लगी हुई थी और फायर ब्रिगेड वहां आग बुझाने के लिए गई थी, इसलिए आने में देरी हुई।