पानीपत। किला थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज और जांच अधिकारी एसआई अनूप व मारपीट के पांच आरोपियों के खिलाफ उसी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला राजाखेड़ी गांव में पांच माह पहले हुई मारपीट के मामले में कार्रवाई न करने का आरोप है। पुलिस ने जेएमआईसी विकास वर्मा की अदालत के आदेश पर यह प्राथमिकी दर्ज की है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में है और पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। इधर एसपी ने इंस्पेक्टर नीरज को सदर थाना प्रभारी के पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर उप निरीक्षक गुलशन को थाने का प्रभारी लगाया है।
राजाखेड़ी गांव के राजेश ने अदालत में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना है कि वर्ष 2021 में उनके चचेरे भाई मंजीत, वजीर ने अपने परिवार के साथ मिलकर उनके भाई कृष्ण के साथ मारपीट की थी। जिसकी प्राथमिकी किला थाने में दर्ज की गई थी। उस समय से दोनों परिवार के बीच रंजिश चल रही थी। तीन अक्तूबर 2025 को वह अपने खेत में काम कर रहे थे। मंजीत, वजीर व उनके परिजन खेत में आए और कुल्हाडी़ व अन्य धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। वह हमले में घायल हो गए। इसके बाद आरोपी धमकी देकर भाग। उसके भाई ने उनको उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया। यहां उनका सीटी स्कैन व मेडिकल कराया गया। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के साथ एक शिकायत किला थाने पर दी।
आरोप है कि जांच अधिकारी उप निरीक्षक अनूप ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। उल्टे उन्हीं के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कर ली। वह तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज से मिले। उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की। जेएमआईसी विकास वर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन किया। जिस के बाद अदालत ने कहा कि यह मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी का है। अदालत ने पांच आरोपी मंजीत, वजीर, दर्शन, सीमा व लाली के खिलाफ मारपीट करने व तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज व जांच अधिकारी अनूप के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई न करने, गलत रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। किला थाना पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
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रिश्तेदार होने के कारण नहीं की कार्रवाई
शिकायतकर्ता राजेश का कहना है कि जांच अधिकारी आरोपियों का दूर का रिश्तेदार है। जिस कारण उन्हें बचाने के लिए उसने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा। फिर भी न्याय नहीं मिला।
वर्जन :
अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। तत्कालीन थाना प्रभारी और जांच अधिकारी पर बीएनसी की धारा 255, 256, 257 और राजाखेड़ी के एक ही परिवार के पांच लोगों पर बीएनएस की धारा 110, 115, 127-2, 190 और 191-2 में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई करेगी।
-सुरेश, प्रभारी, किला थाना पुलिस।