गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए वितरण लाइसेंस देने का विरोध, बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर सड़कों पर उतरे
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर मंगलवार को दशहरा के दिन बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष के पुतले फूंके और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अगुवाई सर्कल सचिव सुरेंद्र पूनिया और राजेंद्र नैन ने की, जबकि संचालन प्रमोद शर्मा ने किया। राज्य उपप्रधान जितेंद्र सैनी ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का फैसला जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी है। इससे मुनाफे वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपकर सरकारी बिजली निगमों को कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 21 अक्तूबर को एचईआरसी के आदेशों की प्रतियां जलाई जाएंगी। इसके बाद 22 से 24 अक्तूबर तक प्रदेशभर में तीन दिन की पूर्ण हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में किसान सभा के प्रधान सुरेंद्र मलिक सहित तेजवीर कालिया, दलेल शर्मा, राकेश, प्रवीण कुमार, अशोक, विनोद कुमार, कपूरचंद, हरिओम, शिवकुमार, आनंद कुंडू, संदीप, सुनील कुंडू, मेहर सिंह और सतीश मलिक मौजूद रहे।
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