पानीपत। पिता से विरासत में मिले श्रीराम के किरदार को अब बेटा रामलीला के मंच पर निभा रहा हैं। नगर की सुप्रसिद्ध सायंकाल रामलीला लैया सभा में कई वर्षों से भगवान श्रीराम जी का पावन स्वरूप धारण कर रहे सर्वप्रिय योगेश शर्मा ने बताया कि सेवा की यह प्रेरणा पिता युधिष्ठिर लाल शर्मा से विरासत में मिली। जो इसी रामलीला में 16 वर्ष लगातार श्रीराम का किरदार निभाकर सेवा करते रहे।
उन्होंने बताया कि यह निष्काम भाव की श्रद्धापूर्वक सेवा है। 21 दिन का व्रत, हवन पूजन, देव स्थान में भूमि शयन, दिन में एक बार सादा भोजन, पूजा पाठ, शुद्ध विचारों को अपनाते हुए स्वरूप धारण किया जाता है। वह लगातार 13 वर्ष से आईबी स्कूल प्रांगण में होने वाली 15 दिवसीय रामलीला में श्रीराम रूप में लीला मंचन कर दर्शकों को जहां मंत्रमुग्ध करते रहे, वहीं इस वर्ष भी सेवा का अवसर निभा रहे हैं।
योगेश शर्मा ने बताया कि वह नौकरीपेशा हैं। धर्म क्षेत्र, वाटिका उद्यान में, कला संस्कृति वा गंगा दर्शन आदि में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि रामायण को जीवन में धारण किया जाए तो जीवन स्वर्ग से भी सुंदर होगा। श्रीराम जी की याद से बढ़कर कोई आनंद नहीं, श्रीरामजी का प्यारा नाम ही फूलों जैसी शीतल मंद सुगंध प्रदान करता है वा निजी जीवन में व्यवहार कुशल बनाता है, ऐसा प्रबल विश्वास है।