फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता ने कार्रवाई से बचाने को दिया फर्जी आयु प्रमाणपत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
इसराना। मारपीट के मामले में बालिग बेटे को कार्रवाई से बचाने के लिए पिता ने उसका फर्जी उम्र प्रमाणपत्र बना दिया। दरअसल, बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ऐसे में पुलिस को गुमराह कर पिता ने बेटे को जुवेनाइल बता दिया। जुवेनाइल उन्हें मानते हैं, जिनकी उम्र 18 साल से कम हो। बाद में पुलिस की जांच में सच पकड़ में आ गया। तब उसने जालसाजी समेत कई धाराओं में पिता-पुत्र पर केस दर्ज कराया।
विज्ञापन

करीब साढ़े तीन माह पूर्व हुए मारपीट के मामले की जांच कर रहे इसराना थाना के आईओ एसआई जयराम ने दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनकी ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक 27 अगस्त की रात गांव भादड़ में दो युवकों ने मनोज को पीटकर घायल कर दिया। घायल मनोज की पत्नी सीमा की शिकायत पर विनोद और रोहित उर्फ राहुल निवासी भादड़ के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पांच सितंबर को आरोपी रोहित उर्फ राहुल को इसराना थाने में जांच के लिए बुलाया गया। तब उसके पिता ने जन्म प्रमाणपत्र पेश किया, जिसमें उसकी जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 दिखाई गई।
इसके अनुसार आरोपी को नाबालिग मानकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया था। बोर्ड के आदेश पर आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। बाद में जब आरोपी के जन्म प्रमाणपत्र की तस्दीक जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से कराई गई तो उसकी जन्मतिथि एक मार्च 2001 पाई गई। पूछताछ के दौरान आरोपी के पिता ने बताया कि बेटा एलईएसबीटी स्कूल सौदापुर से पढ़ा है। स्कूल रिकॉर्ड में भी जन्मतिथि एक मार्च 2001 मिली। पिता सुरेंद्र ने आरोपी बेटे के जुवेनाइल होने का झांसा देकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया।
विज्ञापन

फर्जी प्रमाणपत्र पेश कर पुलिस को गुमराह किया गया। पुलिस ने आईओ एसआई जयराम की शिकायत पर आरोपी रोहित उर्फ राहुल और उसके पिता सुरेंद्र के खिलाफ जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई दिलबाग को सौंप दी गई है। एसएचओ दीपक कुमार ने बताया कि मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें