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फसल अवशेषों को अतिरिक्त आय का जरिया बनाएं किसान : दीपा फौर

Fri, 24 Oct 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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फसल अवशेष न जलाने की जानकारी देती ब्लॉक समिति चेयरमैन दीपा फौर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सनौली। सनौली ब्लॉक समिति चेयरमैन दीपा फौर ने सनौली ब्लॉक के धनसौली व कुराड़ गांव सहित दर्जनों गांवों में किसानों को फसल अवशेष न जलाने बारे जागरूक किया। फसल अवशेष का प्र‎बंधन करने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने किसानों को बताया कि वे सरकार द्वारा अवशेष प्रबंधन योजना का पूर्ण लाभ उठाएं। किसान कृषि यंत्रों से धान की पराली को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ा सकते हैं या स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर सरकार द्वारा दी जा रही एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। फसल अवशेष प्रबंधन की नीति अपनाकर आय का अतिरिक्त स्त्रोत बना सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रा चोपर, हैपी सीडर व रिवर्सिबल प्लो अनुदान पर दिए जाते है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार फसल अवशेष जलाने वाले किसानों से जुर्माना वसूल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में लगभग दो टन पराली का उत्पादन होता है। इसकी गांठ बेचने पर लगभग 3600 रुपये की किसान की आमदनी होती है व किसानों द्वारा पोर्टल पर पंजीकरण कराने से एक हजार प्रति एकड़ तक का लाभ दिया जाता है। इस प्रकार से किसान को पराली न जलाने पर लगभग 4600 रुपए की राशि का अतिरिक्त लाभ होता है।
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