सनौली। गांव नवादा पार और पत्थरगढ़ के बीच 11 जुलाई को यमुना का तटबंध और नवादा आर के पास गांव का रिंग बांध टूटने से यमुना के आसपास के करीब ए क दर्जन गांवों के किसानों की फसल पानी में डूबने से खराब हो गई थी। किसानों को दो माह बाद भी बाढ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिला है। जिससे उनमें रोष है। जिस स्थान पर तटबंध टूटा था, वहां पर आसपास की जमीन में यमुना का रेत जमा हो गया है, उस जमीन को अब किसानों द्वारा समतल किया जा रहा है।
किसान ताहिर, राजपाल, इंद्र सिंह, जोगिंद्र, अनिल व कृष्ण आदि ने बताया कि यमुना का तटबंध टूटने से उनकी फसल खराब हो गई, लेकिन सरकार द्वारा अब तक कोई भी मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विधु रावल से भी मिलकर खराब हुई फसल का जल्द मुआवजा दिलवाने की मांग की गई है। जिस पर विधु रावल ने किसानों से कहा कि जिन किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब हुई फसल का ब्योरा अपलोड करवाया था, उन किसानों को इसी माह 30 सितंबर तक सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाएगा।
बापौली के नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र ने बताया कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जिन किसानों ने खराब हुई फसल का ब्योरा दर्ज करवाया था, उन सभी किसानों की खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर सरकार को भेज दी है।