भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले लघु सचिवालय पहुंचे किसान, धान उठान और भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया
-पानीपत समेत सोनीपत, जींद, कैथल, सिरसा और हिसार के किसान पहुंचे
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों के मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार को छह जिलों के किसानों ने रोष जताया। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले पानीपत, सोनीपत, जींद, कैथल, सिरसा और हिसार से आए सैकड़ों किसानों ने पहले लघु सचिवालय के पास फ्लाईओवर के नीचे प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
बाद में पैदल मार्च करते हुए किसान लघु सचिवालय परिसर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। किसान नेताओं ने बताया कि दो दिवसीय धरने का समापन बुधवार दोपहर बाद आगामी रणनीति तय करने के साथ होगा।
किसान नेता दिलबाग बिंझौल ने कहा कि खेतों में हाईटेंशन बिजली लाइनों के खंभे खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। पानीपत जिले के नैन, भाऊपुर, कालखा, भादड़, खुखराना, जाटल, सुताना, नोहरा, फरीदपुर और रामगढ़ समेत करीब 12 गांवों के लगभग 400 किसान इस समस्या से प्रभावित हैं।
नाराज किसानों की मांग है कि तय नीति के अनुसार जमीन के बाजार मूल्य के आधार पर हाईटेंशन लाइनों का उचित मुआवजा जल्द दिया जाए। किसानों ने प्रदेश सरकार पर केंद्र सरकार के निर्देशों की पालना में अनदेखी करने के आरोप भी लगाए।
धान उठान और भुगतान में देरी से परेशानी
किसानों ने मंडियों में पीआर धान के धीमे उठान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि खरीद के बावजूद फसल का समय पर उठान नहीं हो रहा, जिससे भुगतान में देरी हो रही है। समय पर पैसे नहीं मिलने से अगली फसल की बुआई और घरेलू खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी कि दोनों प्रमुख मांगों का स्थायी समाधान होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। बुधवार दोपहर बाद प्रशासन के रुख पर चर्चा करने के बाद बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।