पानीपत। खाद और बीज विक्रेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में वीरवार को लगातार चौथे दिन भी हड़ताल जारी रखी। दुकानदारों ने मांगों को मानने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी को फिर दोहराया है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
पानीपत सीड्स एंड पेस्टीसाइड एसोसिएशन के जिला प्रधान रणबीर दूहन ने बताया कि सरकार ने सीड्स बिल में संशोधन कर कंपनी और विक्रेताओं के लिए जेल जाने के दरवाजे खोल दिए हैं। इसमें सैंपल फेल आने पर दुकानदार या कंपनी को सीधी सजा व लाखों रुपये का जुर्माना है। खाद व बीज विक्रेताओं ने 14 अप्रैल तक हड़ताल करने का फैसला लिया है। सरकार की अनदेखी के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान दुकानें नहीं खोली जाएंगी। कोई दुकानदार दुकान खोलता है तो एसोसिएशन इस मामले में सख्त फैसला लेगी। ऐसे दुकानदारों पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
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किसान काट रहे चक्कर
खाद और बीज की दुकानें बंद होने से किसान खाद, बीज व पेस्टीसाइड के लिए बाजार के चक्कर काट रहे हैं। उनको बीज और खाद नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में हरे चारे की फसल की भी बिजाई नहीं हो पा रही है। किसानों को अपने स्तर पर बीज का प्रबंध करना पड़ रहा है। या फिर उत्तर प्रदेश से बीज लाने को मजबूर हैं। किसान हरपाल और बलकार ने बताया कि सीजन की शुरुआत में ही बीज, दवा और खाद का संकट गहरा गया है। ऐसे में हरे चारे की फसल बिजाई में देरी हो रही है।