पानीपत। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में सोलर पैनल लगाने को लेकर लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। निर्धारित लक्ष्य से 13 प्रतिशत अधिक उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है, लेकिन सोलर पैनल लगवाने के बाद भी कई लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली 50 हजार रुपये की अनुदान राशि अभी तक नहीं मिल पाई है। इससे उपभोक्ताओं को निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 2 किलोवाट सोलर पैनल पर 60 हजार रुपये और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। वहीं राज्य सरकार ने 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय और 2400 यूनिट तक बिजली खपत वाले परिवारों को अतिरिक्त 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही ग्राम पंचायत, नगर पालिका, परिषद और नगर निगम को प्रति सोलर कनेक्शन 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
लक्ष्य से अधिक आवेदन, लेकिन स्थापना धीमी
पानीपत सर्कल में 5395 उपभोक्ताओं का लक्ष्य निर्धारित था, जबकि 6103 उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है, जो लक्ष्य से लगभग 13 प्रतिशत अधिक है। हालांकि अब तक केवल 2934 घरों में ही सोलर पैनल लगाए जा सके हैं।
सिटी डिवीजन में 1678 के लक्ष्य के मुकाबले आवेदन और स्थापना की रफ्तार सबसे धीमी रही। वहीं समालखा डिवीजन में 53.81 प्रतिशत और सब अर्बन डिवीजन में 63.56 प्रतिशत उपभोक्ताओं के यहां सोलर पैनल स्थापित हो पाए हैं।
उपभोक्ता परेशान
हरि सिंह कॉलोनी निवासी राम सिंह, सिवाह निवासी अनिल कुमार और गांव कैथ निवासी अभी सहित कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें केंद्र सरकार की सब्सिडी तो मिल चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की 50 हजार रुपये की सहायता के लिए कई महीनों से इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे कई बार निगम कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
योजना की मुख्य बातें
2 किलोवाट सोलर पैनल पर 60 हजार रुपये केंद्र सरकार की सब्सिडी
3 किलोवाट पर 78 हजार रुपये तक की सहायता
राज्य सरकार की ओर से पात्र परिवारों को 50 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान
पानीपत में 5395 का लक्ष्य, 6103 आवेदन प्राप्त
अब तक 2934 घरों में सोलर पैनल स्थापित
स्थानीय निकायों को प्रति कनेक्शन 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि
पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिले में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार की सब्सिडी सीधे पोर्टल के माध्यम से जारी होती है, जबकि राज्य सरकार की अनुदान राशि की प्रक्रिया अलग स्तर पर संचालित होती है। लंबित मामलों को संबंधित विभाग के पास भेजा जा चुका है और पात्र उपभोक्ताओं को जल्द राशि जारी कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। - देवेंद्र कुहाड़, उपमंडल अधिकारी, कृषि विभाग, पानीपत।