समालखा। गांव करहंस के ग्रामीण समालखा थाना में पहुंचकर रोष जताते हुए।
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गांव करहंस में हुए हमले में गंभीर रूप से जख्मी महाबीर की मौत हुए करीब एक सप्ताह हो गया, लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके विरोध में परिजन ग्रामीणों के साथ शनिवार को थाने पहुंचे और रोष व्यक्त किया।
ग्रामीण सुरेश, जितेंद्र, बिजेंद्र करहंस, देवेंद्र सहरावत, पूर्व सरपंच यशपाल, सुरेश करहंस, रोहताश, डॉ. रणधीर, वीरेंद्र सहरावत सहित परिजन राजेश, जयकुंवार आदि ने बताया कि 3 जुलाई की सुबह गांव के ही दीपक ने सूचना दी थी कि उसका भाई महाबीर चौपाल में घायलावस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर उसने बताया कि कुछ लड़कों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। इसके बाद दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान महाबीर की 17 जुलाई को मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। जबकि मरने से पहले महाबीर ने एक संदिग्ध का नाम बताया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो वे एसपी और गृहमंत्री से मिलेंगे।