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पीएनजी की बाध्यता के खिलाफ पर्यावरण मंत्री से मिलेंगे उद्यमी

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पानीपत। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन की एनसीआर में उद्योगों के लिए की गई पीएनजी की बाध्यता के खिलाफ उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से जल्द मुलाकात करेगा। उद्यमी उनसे उद्योगों से पीएनजी की अनिवार्यता हटाने की मांग करेंगे। इसके लिए उद्यमियों ने सांसद संजय भाटिया के सामने भी अपना पक्ष रखा है। सांसद संजय भाटिया पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात का समय मांग रहे हैं। उनके नेतृत्व में उद्यमी अपनी समस्याओं को पर्यावरण मंत्री के सामने रखेंगे। प्रतिनिधिमंडल में डायर्स, एक्सपोर्टर व टेक्सटाइल के कारोबारी शामिल होंगे। मुलाकात के लिए गुरुग्राम व फरीदाबाद के बड़े उद्यमियों से भी संपर्क किया गया है।
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एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने 30 सितंबर तक कोयले से चलने वाले उद्योगों को पीएनजी गैस पर शिफ्ट करने आदेश दिए हैं। इन आदेशों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी उद्यमियों को चेता चुका है। उद्यमियों को 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए सूचना सार्वजनिक की जा चुकी है। इससे उद्यमियों में रोष है। आदेशों के अनुसार जहां पीएनजी की सप्लाई है वहां पर उद्योग पीएनजी पर चलेंगे, जहां पीएनजी की सप्लाई नहीं है, वहां पर उद्योग बायोमास पर ही चल सकते हैं। इन आदेशों को लेकर टेक्सटाइल उद्योग, डाइंग और प्रिटिंग उद्योग संचालकों में नाराजगी है। पानीपत के टेक्सटाइल निर्यात उद्योग और हैंडलूम उद्योग डाइंग और प्रिटिंग पर निर्भर है। इन हालातों में अब यहां के उद्योगों ने पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। अन्य प्रदेशों के औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट की तलाश शुरू हो गई है।
अन्य प्रदेशों में टेक्सटाइल उद्योगों में सस्ता फ्यूल
सूरत, पालनी अहमदाबाद, लुधियाना, कोसी अमृतसर में सस्ता ईंधन खपत होता है। गुजरात में लिग्नाइट कोयला लगता है। जो पांच रुपये प्रति किलोग्राम आता है। पंजाब के लुधियाना में पेटकोक का इस्तेमाल होता है। जो 15 रुपये किलोग्राम मिलता है।
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यहां महंगा ईंधन हो रहा प्रयोग
पानीपत में पेट कोक पर प्रतिबंध पहले से लागू है। यहां जो कोयला स्टीम के लिए प्रयोग किया जा रहा है वह 11 रुपये किलोग्राम पड़ रहा है। यदि पीएनजी लागू की जाए तो 58 रुपये पड़ेगी। इसलिए पीएनजी स्टीम से ढाई गुना महंगी पड़ेगी। लुधियाना, सूरत, अहमदाबाद, कोसी से चार गुना यहां के उद्योगों को मिलने वाले स्टीम की लागत बढ़ जाएगी। यही कारण है कि यहां के उद्योग मुकाबले में टिक नहीं सकते। इसी कारण से उद्योग पलायन पर मजबूर होंगे।
पर्यावरण मंत्री से करेंगे मुलाकात : भीम
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा का कहना है कि सेक्टर 29 पार्ट 2 में 250 फैक्टरी लगी हैं। इनमें कोयले का प्रयोग होता है। अब पीएनजी की बाध्यता के कारण पानीपत के उद्योगों पर ताला लगने की नौबत आ गई है। इस समस्या के हल के लिए सांसद संजय भाटिया के माध्यम से पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से उद्यमी मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। पर्यावरण मंत्री से समय मांगा गया है।
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