पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश के विरोध में उद्यमी और श्रमिक शनिवार को सड़क पर उतरेंगे। जिमखाना क्लब से लेकर लघु सचिवालय तक विरोध मार्च होगा और पानीपत को एनसीआर से निकालने की मांग होगी। उद्योगों से जुड़ी 36 एसोसिएशनों ने वीरवार को गोल्ड होटल में बैठक कर विरोध की रणनीति तैयार की थी। बैठक में फैसला किया गया था कि शनिवार को उद्योगपति एवं श्रमिक सड़कों पर उतरेंगे। शहर के दो हजार उद्योग लगातार पूर्ण रूप से बंद चल रहे हैं।
गौरतलब है कि सीपीसीबी ने एनसीआर में कोयला संचालित सभी प्रकार के उद्योगों को 12 दिसंबर तक बंद कर दिया है। डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि एनसीआर में होने की वजह से पानीपत के उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर पानीपत को एनसीआर से अलग नहीं किया गया तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन होगा।