पानीपत। दो वर्ष पूर्व आम बजट में सात टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा मंगलवार को पेश किए गए बजट में गायब हो गई। अबकी बजट में टेक्सटाइल पार्क का जिक्र तक नहीं किया गया, इससे उद्यमियों को निराश हुई है। वर्ष 2020 में सांसद संजय भाटिया ने संसद में टेक्सटाइल पार्क की मांग उठाई थी। ये पार्क केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर बनाना है लेकिन इस दिशा में प्रगति पर कोई बात नहीं हुई।
पानीपत में 50 हजार करोड़ से अधिक के घरेलू कारोबार एवं निर्यात को देखते हुए टेक्सटाइल पार्क की मांग लगातार चली आ रही है। मत है कि टेक्सटाइल पार्क बनने से विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा। पार्क बनने पर रोजगार बढ़ेगा। इसे देखते हुए सांसद संजय भाटिया ने कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में टेक्सटाइल पार्क का विषय उठाया था। तब इसका काम शुरू कराने का आश्वासन मिला था।
गांव दीवाना के पास बनाया जाना है पार्क
गांव दीवाना के पास टेक्सटाइल पार्क को बनाए जाने की योजना है। जहां 50 एकड़ जगह में 100 औद्योगिक इकाई एकसाथ स्थापित हो सकती हैं। इस पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने है। ये प्रोजेक्ट राज्य एवं केंद्र सरकार को मिलकर लगाना है। उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगेगी, जिससे लाभ होगा। पार्क में अंदर ही लेबर कॉलोनी, सामान्य गोदाम, बिजली घर, कॉमन बायलर, सीटीपी, ईटीपी सहित सभी सुविधाएं मिलेंगी।
टेक्सटाइल नगरी को निराशा मिली
टेक्सटाइल नगरी के लिए बजट में कुछ भी नहीं दिखा। टेक्सटाइल पार्क पानीपत की सबसे बड़ी जरूरत है। सरकार को टेक्सटाइल उद्यमियों के लिए कल्याणकारी कार्य करने चाहिए। कृषि के बाद उद्योग क्षेत्र ही सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। - विनोद खंडेलवाल, चेयरमैन, चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत