Employees did not come even after being called twice, woman gave birth to a girl child in e-rickshaw after emergency
- फोटो : Panipat
पानीपत। सिविल अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही फिर सामने आई है। वीरवार को दोपहर साढ़े तीन बजे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर ई-रिक्शा में ही एक गर्भवती ने बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी के बाहर पहुंचते ही स्टाफ नर्सों एवं कर्मचारियों को बुलाने गए लेकिन वे नहीं आए। प्रसूता दर्द से बिलखने लगी तो स्टाफ नर्स बाहर आई और ई रिक्शा के चारों ओर चादर लगाकर डिलीवरी कराई गई।
जच्चा बच्चा की हालत फिलहाल स्थिर है। दोनों को लेबर वार्ड में शिफ्ट किया गया है वहीं इस मामले में पीएमओ ने कर्मचारियों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। किशनपुरा निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी संध्या नौ माह की गर्भवती थी। वीरवार दोपहर को प्रसव पीड़ा होने पर उसे ई-रिक्शा में सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। उनका पड़ोसी अंशु इमरजेंसी वार्ड और लेबर वार्ड में दो बार स्टाफ नर्सों एवं कर्मचारियों को बुलाने गया। कर्मचारी उसे इधर उधर भेजते रहे। करीब 15 मिनट तक संध्या ई-रिक्शा में ही प्रसव पीड़ा से बिलखती रही। उन्होंने इमरजेंसी के बाहर शोर मचाया तो दो स्टाफ नर्स चादर लेकर बाहर आईं। ई-रिक्शा के चारों ओर चादर लगाकर संध्या की डिलीवरी कराई गई। इस दौरान संध्या बेहोश हो गई। संध्या ने बच्ची को जन्म दिया है। उनकी मांग है कि अस्पताल में कर्मचारियों पर सख्ती की जाए। ऐसी लापरवाही किसी प्रसूता की जान भी ले सकती है। सरकारी स्टाफ की इस लापरवाही के कारण ही लोग यहां आने से डरते हैं।
मामले की जांच होगी, दोषी मिलने पर कार्रवाई निश्चित : पीएमओ
मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच की जाएगी कि उस वक्त लेबर वार्ड एवं इमरजेंसी में किसकी ड्यूटी थी। महिला के परिजनों से भी जानकारी ली जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ, सिविल अस्पताल