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हिंदी को बचाने के लिए एकजुट होकर करने होंगे प्रयास

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आज सब अंग्रेजी सीखना चाहते हैं, लेकिन कोई हिंदी को बचाना नहीं चाहता है। अंग्रेजी शासन में ऐसी व्यवस्था बनीं, जिससे हिंदी को दूर रखा गया। भारतीयों ने अंग्रेजी सीखी। इसी व्यवस्था के कारण हिंदी समाप्त होती चली गई। आज हिंदी लुप्त होती जा रही है। रोजगार के लिए अंग्रेजी अनिवार्य है। युवाओं का कहना है कि हिंदी को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।
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बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ा रहे
वर्तमान समय में हर कोई अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाना चाह रहा है। कोई भी हिंदी भाषा सिखाने पर जोर नहीं दे रहा। अंग्रेजी स्कूलों में छह विषय में से केवल हिंदी भाषा ही हिंदी में होती है और बाकी विषय अंग्रेजी में होते हैं। लोगों की यह सोच भविष्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।
- विकास
हिंदी हमारी प्राथमिक भाषा बनकर रहेगी
गांव में रहने वाले युवा महानगर में जाने के बाद हिंदी बोलने से शर्म करने लग जाते है और अंग्रेजी भाषा सीखने पर जोर देते हैं, जिससे दिन पर दिन हमारी हिंदी भाषा का स्तर भारत में गिरता जा रहा है। यदि सभी हिंदी में बात करें तो हिंदी हमारी प्राथमिक भाषा बनकर रहेगी।
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- अमित
अभिभावकों को भी अंग्रेजी में करनी होती है बात
भारत में काम करने वाले लोगों पर भी अंग्रेजी भाषा थोप दी जाती है। कुछ स्कूलों में तो अभिभावकों को भी अंग्रेजी में बोलना अनिवार्य रहता है। जिनके माता-पिता को अंग्रेजी भाषा नहीं आती है, उनके बच्चे का स्कूल में दाखिला नहीं लिया जाता है। लोगों के मन में है कि अंग्रेजी भाषा ही सब कुछ है।
-पुनीत
अंग्रेजी भाषा के गुलाम हो रहे लोग
दिन पर दिन देश अंग्रेजों की भाषा का गुलाम होता जा रहा है। अंग्रेज तो भारत से चले गए, लेकिन उन्होंने भारतीय को अपनी भाषा का गुलाम कर लिया। आज के युग में हर कोई अच्छी अंग्रेजी सीखना चाह रहा है। वर्तमान में युवा शुद्ध हिंदी समझ भी नहीं पाते हैं, बोलना तो दूर की बात है।
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- आस्था चावला
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