पानीपत। गांव डाहर स्थित शुगर मिल में गन्ने की कमी हो गई है। सिर्फ पानीपत ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी किसान गन्ना मिल तक नहीं ला पा रहे हैं। इससे 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई करने वाली मिल को सिर्फ 30 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई करने की स्पीड से चलाया जा रहा है। अब बचे हुए गन्ने का शुगर मिल प्रबंधन स्टैंडिंग सर्वे करवाएगा ताकि किसान पूरा गन्ना मिल में ला सकें। वहीं, 15 मई तक ये पेराई सीजन भी पूरा होने जा रहा है। गन्ना कम मिलने का कारण गन्ना छीलने वाले लेबरों को माना जा रहा है, जो ईद के त्योहार पर घर गई हैं। इसकी वजह से किसान भी परेशान हैं।
शुगर मिल के एमडी नवदीप सिंह ने बताया कि पुरानी मिल में 28 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है जबकि नई मिल में अब तक करीब 11.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। जिले में कितने किसानों के पास कितना गन्ना अभी बचा है, इसको लेकर खेतों में स्टेंडिंग सर्वे कराया जा रहा है।
शुगर मिल के एमडी ने बताया कि तीन दिन पहले तक शुगर मिल को 45 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई की क्षमता से चलाया जा रहा था। अचानक गन्ने के अभाव से स्पीड कम की गई है। दूसरी ओर लेबर न मिलने से किसान बिना छिला गन्ना लेकर आ रहे हैं। ज्यादा समय का छिले हुए गन्ने से भी कम रस निकल पाता है। ऐसे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है।