पानीपत। नगर निगम का स्ट्रीट लाइट प्रकरण एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार निगम की ओर से सेक्टर 13-17 में लगाई गई फैंसी लाइट के केबल यानी तार सुर्खियों का कारण बने हैं। इन तारों को नकली बताकर एजेंसी पर आरोप लगाया गया है जबकि इन पर मार्का ब्रांडेड तारों का है। निगम से ब्रांडेड असली तारों के भुगतान की शिकायत पर वरिष्ठ उप महापौर ने निगम आयुक्त को इन तारों की चेकिंग करवाने के लिए पत्राचार किया है। दुष्यंत भट्ट का कहना है कि भुगतान से पहले तारों की जांच करवाई जाए।
दूसरी तरफ पुरानी लाइट को ठीक करने के लिए निगम ने खर्च को चार गुना बढ़ा दिया है। निगम अधिकारियों ने इन लाइट की मरम्मत और रखरखाव के खर्च का पांच लाख रुपये एस्टीमेट बनाया था जिसे अब बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया है। इससे पहले भी निगम की एक रिपोर्ट के अनुसार पुरानी लाइटों को ठीक करवाने पर निगम हर माह करीब 10 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च कर रहा है। बावजूद इसके इतनी बड़ी एन्हांसमेंट से निगम फिर से सुर्खियों में आ गया है। हालांकि निगम अधिकारियों का तर्क है कि निगम के टेंडर के पोर्टल मेें दिक्कत है। इसलिए नए टेंडर नहीं लग पा रहे हैं। इसे लेकर पुराने ठेकेदार से पहले के रेट पर ही सामान मंगवाया जा रहा है।
हाल ही में लगाया था टेंडर
नगर निगम अधिकारियों ने सेक्टर 13-17 में फैंसी लाइट लगाने का हाल ही में टेंडर लगाया था। इसमें जीटी रोड के सेक्टर 13-17 मोड़ से लेकर हैलीपेड तक 17 फैंसी लाइटों के पोल लगाए गए थे। निगम के अनुसार इसमें करीब 500 मीटर तार का उपयोग किया गया है। इस तार की कीमत लाखों रुपये बताई गई है। वहीं, यही तार अन्य लाइटों में भी लगाई जा रही है। जिसका स्टॉक निगम में मौजूद है।
करवाएंगे जांच- निगम
तार ब्रांडेड लगाए गए हैं लेकिन अगर ब्रांड का मार्का गलत तरीके से लगाकर नकली तारों को लगाया गया है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -गौरव कुमार, कनिष्ठ अभियंता, इलेक्ट्रिकल विंग।