पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शनिवार को पुलिस और खनन विभाग पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की गाज गिरी। एक मामले में पुलिस कर्मियों की ओर से पीड़ित पक्ष को नाजायज तंग करने और रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस कर्मी को उप मुख्यमंत्री ने लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए। खनन विभाग से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान मिलीभगत कर गुमराह करने वाले कर्मचारी की जांच करने के आदेश दिए हैं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री के सामने 15 शिकायतों को रखा गया था। इनमें से छह पुरानी, चार नई और पांच शिकायतों को सीएम विंडो से लिया गया था। कुल नौ शिकायतों को मौके पर समाधान किया गया। बाकी की शिकायतों को आगामी बैठक के लिए रखा गया। तीन शिकायतों पर अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच का आदेश दिया गया।
रिश्वत लेने का आरोपी पुलिसकर्मी लाइनहाजिर
गांव राजाखेड़ी निवासी बलजीत सारसर ने शिकायत में कहा कि गांव में दो पक्षों में झगड़ा हुआ। दूसरे पक्ष ने खुद चोट मारकर क्रॉस एफआईआर करा दी। उनके बेकसूर बेटे और भतीजे का नाम लिखवा दिया गया। फरियाद पर एसपी ने मामले की जांच सीआईए-1 को सौंप दी। दो पुलिस कर्मियों ने सही जांच न करके दूसरे के पक्ष में कार्रवाई की। उनके पक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर लिया और छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये ऐंठ लिए। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। आरोपी पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया।
खनन विभाग पर गाज
गांव जोशी निवासी ओमप्रकाश ने शिकायत दी कि उनकी जमीन को कुछ लोगों ने पांच साल के लिए किराए पर लिया। उनकी जमीन से ढाई फीट तक मिट्टी उठवा दी। उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों को आठ लोगों की शिकायत दी। विभाग ने मौके पर जांच कर डेढ़ फीट मिट्टी उठाए जाने की रिपोर्ट बनाई। इस मामले में आरोपियों पर मुकदमा तो दर्ज किया गया लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उप मुख्यमंत्री ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट देकर मामले की जांच के लिए एसडीएम, डीएसपी और खनन विभाग के अधिकारी की कमेटी गठित की।
एसडीएम और बीडीपीओ की जांच में मिला टाइलों में अंतर
गांव खोजकीपुर निवासी मनोज ने शिकायत में कहा कि उनके गांव के विकास कार्यों में करीब 49 लाख रुपये का गबन हुआ है। इसकी जांच में बीडीपीओ की रिपोर्ट में एक सड़क पर चार हजार टाइलें मिली, जबकि इसी सड़क की जांच एसडीएम ने की तो 10 हजार टाइल मिलीं। इसकी रिकवरी एक लाख रुपये से अधिक है, जिसे 14 हजार रुपये दिखा दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने एसडीएम समालखा को जांच का आदेश दिया।
अब खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस मावे के चार-चार सैंपल भरवाएंगे
मिलावटी मावे और पनीर की लंबित शिकायत पर पीड़ित ने बताया कि पिछली बार भी खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और कार्रवाई नहीं की। पहले ही सूचना देकर आरोपी के पास से मावा और पनीर गायब करवा दिया गया। दूसरी जगह से सैंपल लेकर पास दिखा दिए गए। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि अब खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस अलग-अलग समय पर चार-चार सैंपल लेंगे, जिसकी जांच कराई जाएगी।
अंसल के उच्च अधिकारियों को किया तलब, वरना कार्रवाई
गांव अजिज्जुलापुर की जोहड़ और खालों वाली पंचायती जमीन पर अंसल की ओर से किए गए कब्जे के मामले में उप मुख्यमंत्री ने अंसल के पदाधिकारियों को तलब किया और जमीन के बदले गांव में विकास कार्यों को करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि या तो अंसल गांव में एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण करवाए या कार्रवाई की जाएगी।
इलाज के लिए रुपये नहीं दिलाने पर फरियादी ने छोड़ी बैठक
कलंदर चौक निवासी हुकुमचंद ने एक डॉक्टर पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए उसका एक पैर काटने का आरोप लगाया। उसने उपमुख्यमंत्री से मांग की कि आरोपी डॉक्टर से अभी के इलाज में हुआ खर्च दिलाया जाए। जिस पर डॉक्टर पक्ष ने इलाज करने की बात की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित को केवल इलाज दिया जा सकता है, रुपये नहीं। पीड़ित ने कहा कि उसने इलाज के लिए लोन दिया और अब उसे वसूली के लिए धमकी दी जा रही है। जिस पर उसे गनमैन दिए जाने की पेशकश की गई। बात नहीं बनने पर पीड़ित बैठक छोड़कर चला गया।
ये रहे मौजूद-
इस मौके पर पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, इसराना के विधायक बलबीर वाल्मीकि, मेयर अवनीत कौर, जजपा नेता देवेंद्र कादियान, उपायुक्त सुशील सारवान, अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा, पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन व जिला के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागों के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
पानीपत। शिकायतकर्ता ओम प्रकाश जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपनी बात रखेत हुए।- फोटो : Panipat
पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक अध्यक्षत करते हुए व लोगों की शिकायते सुनते हुए उपमुख्यमं?- फोटो : Panipat