पानीपत। आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स यूनियन हरियाणा पिछले एक सप्ताह से अपनी मांगो को लेकर जिला लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन कर रही हैं लेकिन उन्हें अब तक न तो कोई आश्वासन मिला है और न ही संतोषजनक जवाब। इससे जिले की आंगनबाड़ी वर्करों में रोष है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे अनिश्चित कालीन धरना करेंगी। यह भी कहा कि किसानों की तरह वे भी अपनी मांग पूरी करवाकर ही हटेंगी।
पिछले एक सप्ताह में आंगनबाड़ी वर्कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन से लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को मांग पत्र सौंप चुके है। राज्य महासचिव संतोष रावल ने बताया कि हमें हर दिन नई ऊर्जा के साथ हड़ताल में शामिल होना है और अपनी मांगों को इस सरकार तक पुरजोर तरीके से पहुंचाना है।
आंगनबाड़ी वर्कर की मांगें
- 2018 के समझौते को लागू करते हुए बकाया एरियर समेत पैसे दिए जाएं।
- आंगनबाड़ी वर्कर को 50 हजार और हेल्पर को 30 हजार रिटायरमेंट का लाभ दिया जाए।
- दुर्घटना होने पर इलाज का पूरा खर्च व मृत्यु होने पर 50 हजार रुपये का मुआवजे की मांग।
- केंद्र के अनुसार आए हुए फोन के आठ हजार रुपये का बजट दिया जाए।
- आंगनबाड़ी वर्कर को 24 हजार और हेल्पर को 16 हजार रुपये दिए जाने चाहिए।
लाभ कर्मचारियों वाले नहीं मिल रहे
सरकार तथा समाज हमें एक कर्मचारी की नजर से देखता है तथा सरकार हम से जो काम करवाती है वह सारे एक सरकारी कर्मचारी वाले ही हैं ,लेकिन जब एक कर्मचारी के सारे लाभ देने की बात आती है तो सरकार हमारी जायज मांगों को हमेशा से अनसुना करती आ रही है। छह सेवाएं तथा पांच उद्देश्यों जिसमें खेल खेल में शिक्षा टीकाकरण बच्चों व माताओं की देखरेख आदि यह सारे काम एक प्राथमिक अध्यापक की तरह ही है ,लेकिन उसमें मिलने वाले लाभ अलग-अलग हैं।
- संतोष रावल,आंगनबाड़ी राज्य महासचिव हरियाणा
हेल्पर मानदेय पर काम करने को मजबूर
समान काम समान वेतन के कानून के अनुसार हम भी सरकारी कर्मचारी के दर्जे के अधिकारी हैं। एक तरफ तो सरकारी कर्मचारी जैसे अध्यापक इत्यादि को सारे के सारे सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हम आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं और पिछले 40 वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। -सुमित्रा मलिक ,आंगनबाड़ी कर्मचारी
सरकार का यह महिला विरोधी रवैया असहनीय है एक तरफ तो यह सरकार नारा देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और दूसरी तरफ इतने प्रचंड आंदोलन के बावजूद हमारी मांग को लेकर पूरी तरह उदासीन है। अबकी बार लड़ाई मूल मुद्दे की है। हरियाणा सरकार से हमारी सीधे तौर पर एक ही मांग है हमें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो। -शीला अहलावत ,आंगनबाड़ी कर्मचारी
आंगनबाड़ी वर्कर की न्यूनतम वेतन 24 हजार और हेल्पर को 16 हजार दिए जाने चाहिए। हमेशा सारे काम सरकारी कर्मचारी वाला करवाया जाता है और वेतन के नाम पर मानदेय राशि दी जाती है। जबकि सारे सरकारी योजना के प्रति हम ही एक एक कॉलोनियों में जाकर लोगों को जागरूक करने का काम करते है। -माया, आंगनबाड़ी कर्मचारी