फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल से गन्नौर में चरस तस्करी करने वाला दिल्ली डिपो का बस चालक काबू

विज्ञापन
पानीपत। सीआईए-थ्री पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : Panipat
विज्ञापन
पानीपत। हिमाचल प्रदेश से गन्नौर जिले में एक युवक को चरस सप्लाई करने के मामले में सीआईए-3 ने दिल्ली डिपो की रोडवेज बस चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार कर पांच मार्च को न्यायालय में पेश कर छह दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
विज्ञापन

सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर ने बताया कि चरस तस्करी के मामले में संलिप्त एक ओर आरोपी सोनीपत के गांव बड़ी निवासी मनोज को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनोज हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर के पद पर तैनात है, जिसकी वर्तमान में हरियाणा रोडवेज के दिल्ली डिपो में तैनाती थी। दिल्ली से मनाली रूट पर तैनाती के दौरान आरोपी मनोज चरस तस्कर गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर हिमाचल प्रदेश से चरस की तस्करी कर गन्नौर में कृष्ण निवासी पांची को देता था।
इसके एवज में आरोपी मनोज नशा तस्कर कृष्ण से मोटी रकम लेता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोज ने बताया कि नशा तस्करी के अवैध काम में कृष्ण के साथी हिमाचल प्रदेश निवासी मुकेश से वह 24 फरवरी को भी चरस लेकर आया था और गन्नौर में कृष्ण को दी। इसकी एवज में उसने कृष्ण से 10 हजार रुपये लिए थे।
विज्ञापन

नशा तस्कर आरोपी कृष्ण और सोनू को किया जा चुका गिरफ्तार
नशा तस्करी के मामले में सीआईए-3 ने 4 मार्च शुक्रवार को नाकांबदी कर सोनीपत के गांव पांची निवासी कृष्ण व सोनू को 7 किलो 50 ग्राम चरस सहित काबू किया था। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 14 लाख रुपये कीमत बताई जा रही थी। गिरफ्तार आरोपी कृष्ण व सोनू के खिलाफ सेक्टर में 29 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नशा तस्करी के मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों का पता लगाने व काबू करने के लिए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर वहां से छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी कृष्ण ने बताया कि उसकी हिमाचल प्रदेश के काथी मिताली, कुल्लू में ससुराल है। ससुराल में मुकेश नामक युवक चरस की खरीद फरोख्त का अवैध काम करता है। कुछ माह से उसने भी मुकेश के साथ चरस तस्करी का अवैध काम शुरू किया था। इसी दौरान हिमाचल जाते समय उसकी दिल्ली से मनाली जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बस पर तैनात ड्राइवर मनोज से मुलाकात हुई। मनोज भी चरस का सेवन करता था तो उसने मनोज को अपने चरस तस्करी के अवैध काम के बारे में बताया और उसकी मुलाकात मुकेश से करवा दी।
आरोपी बस ड्राइवर मनोज भी शॉर्ट कट तरीके से रुपये कमाना चाहता था, इसलिए आरोपियों के साथ नशा तस्करी में शामिल हो गया। मुख्य आरोपी कृष्ण का हिमाचल में जाना नहीं होता था तो तब मुकेश हिमाचल में बस ड्राइवर मनोज को बस में चरस पकड़ा देता था और मनोज गन्नौर पहुंने पर कृष्ण को चरस दे देता था। ऐसा कई बार हुआ, इसके बदले में आरोपी कृष्ण मनोज को रुपये देता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें