पानीपत। स्वास्थ्य विभाग डेंगू पर अंकुश लगाने के तमाम प्रयास कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 15 सितंबर के बाद डेंगू का खतरा अधिक बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है। अब हर रोज प्रतिदिन तीन की औसत से डेंगू के केस मिल रहे हैं। डेंगू पर अंकुश के लिए स्वास्थ्य विभाग की 100 टीमें एंटी लार्वा एक्टिविटी भी चला रही हैं। अब बच्चों को डेंगू से बचाने के लिए शिक्षा विभाग का सहयोग भी सहयोग कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अपील पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में विज्ञान के अध्यापक को बच्चों को डेंगू के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल में पूरी बांह की कमीज पहनकर स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिले में फिलहाल 15 वर्ष से कम आयु के डेंगू के चार केस मिले हैं। वहीं दूसरी ओर बुधवार को एक ही दिन में डेंगू के पांच केस मिले। जिले में डेंगू के अब 70 मरीज हो चुके हैं। सितंबर में डेंगू के 40 केस मिल चुके हैं। बुधवार को श्री कृष्णा कॉलोनी में आठ साल की बच्ची, नौल्था गांव में 15 साल का किशोर, मॉडल टाउन में 50 साल का अधेड़, जींद में 25 साल का युवक व सनौली में 66 साल का बुजुर्ग डेंगू से ग्रसित मिले। इन सभी का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिले में डेंगू से 56 लोग ठीक हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के निर्देश पर अब सिविल अस्पताल व सामुदायिक केंद्रों में डेंगू के अलग से वार्ड बनाए गए हैं। सिविल अस्पताल में 13 बेड लगाए गए हैं। छह सामुदायिक केंद्रों में 68 बेड लगाए गए हैं। 30 ब्रीडिंग चेकर, 92 एमपीएचडब्ल्यू व 24 हेल्थ इंस्पेक्टर जिले भर में एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहे हैं। एक जुलाई से अब तक करीब 4.46 लाख घरों में लार्वा जांचा गया है। 4591 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। 4079 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार को व गांवों व कॉलोनियों में रविवार को ड्राई डे मनाया जा रहा है। इस साल अब तक डेंगू का लार्वा मिलने पर परिवहन निगम को नोटिस जारी किया गया है। सभी निजी अस्पतालों से प्रतिदिन की डेंगू की रिपोर्ट लेकर मुख्यालय भेजी जा रही है। सिविल अस्पताल में अब तक 2354 सैंपल की जांच हुई है।
डेंगू के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील संदूजा ने बताया कि बुधवार को जिले में डेंगू के पांच केस मिले हैं। अब जिले में डेंगू के रोगियों की संख्या 70 हो चुकी है। आने वाले दिनों में डेंगू का खतरा अधिक बढ़ेगा। लोगों से अपील है कि डेंगू के खिलाफ जागरूक हों। अपने आसपास पानी जमा न होने दें। अगर बुखार है तो डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।