मतलौडा। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के स्टील स्ट्रक्चर स्टोर से स्क्रैप चोरी के आरोपी एक्सईएन नरेश मक्कड़ अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। थर्मल चौकी पुलिस ने भाटिया कॉलोनी स्थित एक्सईएन नरेश के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है। पुलिस आरोपी एक्सईएन की तलाश में छापामारी कर रही है। आरोपी पानीपत जिला अदालत में अपनी जमानत के लिए याचिका भी लगा चुका है, जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया था। कार्यालय के रिकॉर्ड में पता चला कि घटना के बाद से ही आरोपी ड्यूटी से नदारद है।
अब थर्मल चौकी पुलिस ने 29 अगस्त की रात्रि लगभग आठ बजे नाकाबंदी करके हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के स्टील स्ट्रक्चर स्टोर से चोरी का लोहा स्क्रैप ले जाते हुए एक कैंटर को पकड़ा था। कैंटर में एचवीपीएनएल का जेई ऋषिपाल भी मौजूद था। पुलिसकर्मियों ने जेई ऋषिपाल से कागजात मांगे तो वह बहानेबाजी करने लगा। जांच में पता चला कि वह, एक्सईएन नरेश मक्कड़ और अपर डिवीजन क्लर्क बजरंगबली मिलकर विभागीय कार्यालय से लोहा चुराकर मुजफ्फरनगर बेचने जा रहे थे। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी जेई ऋषिपाल और अपर डिवीजन क्लर्क बजरंगबली को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरोपी एक्सईएन नरेश मक्कड़ फरार हो गया था।
आारोपियों ने दिन में स्क्रैप लोहे से भरी एक गाड़ी को 29 अगस्त को ही दिन में 35 हजार रुपये में मतलौडा के विकास कबाड़ी को बेचा था। विकास को ही दो रुपये कम रेट में लोहा देने का लालच दिया, लेकिन कैश भुगतान न होने के कारण उनका सौदा नहीं बन पाया। बताया जा रहा है कि विकास ने ही उन्हें मुजफ्फरनगर के कबाड़ी का नंबर दिया, जिससे 38 रुपये किलो के रेट में सौदा तय होने के बाद चार टन से ज्यादा माल कैंटर में लोड करके ले जाया जा रहा था।
शहर में स्क्रैप कारोबारी धड़ल्ले से रोजाना सैंकड़ाें टन माल पानीपत से लुधियाना भेजते हैं। कबाड़ियों से खरीद कर इकठ्ठे किए गए स्क्रैप को गाड़ी में लोड कराकर रात 10 बजे के बाद ही जीटी रोड पर निकाला जाता है। पानीपत टोल पार करने के बाद गाड़ियों की एंट्री चलती है। नाकाबंदी में चेक हुई गाड़ियों के चालक घूस देने के बाद ही गाड़ी बढ़ाते हैं। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक सड़क पर स्क्रैप कारोबारियाें की गाड़ियां अधिकारियों की टीम का पीछा करती हैं।
पानीपत शहर के अधिकतर स्क्रैप कारोबारी 10 में से सिर्फ एक ही गाड़ी का बिल बनवाते हैं। मिलीभगत करके दिनभर में लोड हुई गाड़ियों को एक ही जगह पर खड़ा किया जाता है। रात के समय सभी गाड़ियां एक साथ ही चलती हैं। अगर सेल टैक्स विभाग की टीम मिलती है तो चालक असली बिल वाली गाड़ी को टीम के सामने रोक लेता है, ताकि पीछे से आ रही गाड़ियां मौका देखकर निकल जाएं। गाड़ी चेक होने से पहले क्लीनर ग्रुप में गाड़ी की लोकेशन भी व्हाट्सएप ग्रुप में अपडेट कर देता है।
उक्त मामले में डीएसपी द्वारा जांच की जा रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार एक्सईएन कार्यालय में जांच के लिए पहुंचे थे। वहां पर एक्सईएन उक्त मामले के बाद अनुपस्थित पाया गया। अब उसके घर के बाहर नोटिस चिपकाया गया है।
- एएसआई सतविंदर, प्रभारी, थर्मल पुलिस चौकी।