निगम अपना करीब 15.30 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए मंगलवार को सेक्टर 25 स्थित मित्तल मॉल सील करने पहुंचा। यहां मॉल मैनेजर और प्रबंधन की तरफ से निगम अधिकारियों को आश्वस्त किया गया कि वे मॉल को सील न करें, उनका बकाया टैक्स का भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन देर शाम तक भी करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद भी मॉल प्रबंधन निगम को टैक्स जमा नहीं करवा पाया। इस दौरान मॉल के कई दुकानदारों ने एकजुट होकर निगम को करीब दो लाख रुपये का टैक्स अदा किया। निगम टीम बुधवार को मॉल सील करने की चेतावनी देते हुए लौट आई।
बकाया वसूली को लेकर निगम ने शहर के करीब 98 भवनों व उनके मालिकों की सूची जारी की है, जिन्हें निगम को टैक्स अदा करना है। साथ में निगम की तरफ से चेतावनी भी दी गई है कि अगर समय से इस टैक्स को नहीं भरा गया तो कभी भी किसी भी भवन को निगम सील कर सकता है। बता दें कि इस सूची में दस से बीस लाख रुपये तक के 43 बकाया टैक्स धारक हैं। वहीं बीस लाख रुपये से लेकर 15 करोड़ रुपये तक के बकायादारों की संख्या 55 है। सभी के कुल योग सौ करोड़ रुपये से भी ज्यादा बनता है।
विज के खौफ से वसूली पर जुटे अधिकारी
जब से शहरी स्थानीय निकाय एवं गृह मंत्री अनिल विज शहर ने रिकवरी को लेकर आयुक्त के निलंबन की सिफारिश की है, तब से निगम की कर शाखा के अधिकारी दिन रात टैक्स वसूूली की तैयारियों में जुटे हैं। एक लंबे अंतराल के बाद निगम सोमवार को 1.30 करोड़ रुपये बकाया टैक्स की एक इमारत तक को सील कर चुका है।
टैक्स ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को भी मित्तल मॉल प्रबंधन के साथ बैठक की, जिसमें मॉल के कई दुकानदारों ने महज दो लाख रुपये का टैक्स जमा करवाया गया है, जो अपर्याप्त है। अब बुधवार को मॉल सील करने का प्लान बनाया जा रहा है।