मंगलवार को सीएम फ्लाइंग ने नूरवाला स्थित इंद्रा कॉलोनी में राजेश के गोदाम पर छापा मारा गया। यहां भारी मात्रा में तैयार रसगुल्ला और गुलाब जामुन मिला। गोदाम से मिठाई बनाने और सप्लाई करने के टीम को कोई कागजात भी नहीं मिले। छापे के बाद से ही शहर के अन्य मिठाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। आसपास के अधिकतर मिठाई विक्रेता दुकानों के शटर डाउन कर निकल गए।
सीएम फ्लाइंग की टीम ने रसगुल्ले, गुलाब जामुन, सूजी और पनीर के चार सैंपल लेकर जांच के लिए लेबोरेटरी भेजे, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मौके का जायजा लेकर चार सैंपल लिए गए हैं। दूध व सूखे दूध की भी जांच की जाएगी। मिठाई बनाने वालों को हिदायत व चेेतावनी भी दी गई है। यहां रख रखाव तो सही मिला, लेकिन स्वच्छता संतोषजनक नहीं थी, इसलिए इनको एक मौका दिया जाएगा। वहीं नूरवाला के इंद्रा विहार कॉलोनी में रसगुल्ला फैक्टरी पर रेड मारने के बाद खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी दलबीर नगर स्थित बालाजी मिष्ठान भंडार पर पहुंचे। यहां से टीम ने रसगुल्ला व डोडा बर्फी के दो सैंपल भी लिए, जिनको जांच के लिए लेबोरेटरी में भिजवा दिया गया। कार्रवाई के दौरान करनाल सीएम फ्लाइंग से इंचार्ज एसआई राममेहर सिंह टीम के साथ मौजूद रहे। वहीं खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की तरफ से डॉ. श्यामलाल अपनी टीम लेकर पहुंचे।
इतनी मात्रा में मिली मिठाई
सफेद रसगुल्ला 750 किलोग्राम
गुलाब जामुन 310 किलोग्राम
पनीर 35 किलोग्राम
सूजी 7 किलोग्राम
कुल 922 किलोग्राम
ड्रमों में भरे थे गुलाब जामुन
टीम ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना के आधार पर शिकायत मिली थी कि इंद्रा कॉलोनी में राजेश नाम का आदमी अवैध तरीके से मिठाई का गोदाम चला रहा है। यहां मिठाई को गंदगी में बनाकर पूरे शहर में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना पर सीएम फ्लाइंग ने सुनियोजित तरीके से रेड मारी और मिठाइयों के सैंपल भरे।
पूरे शहर में करते थे सप्लाई
सीएम फ्लाइंग व सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मौके से मिली करीब सवा नौ सौ किलोग्राम मिठाई इसका सबूत है। मशीन व भट्टी लगाकर इनको तैयार किया जाता रहा है। दीवाली के त्योहार पर शहर में मिठाइयों में मिलावट खोरी का कारोबार बढ़ जाता है। इसलिए टीम इस प्रकार आगे भी अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी डॉ. श्यामलाल ने आमजन से अपील की है कि दूध से बने उत्पादों की लाइफ एक या दो दिन ही होती है। इसलिए जो दुकानदार इस प्रकार की मिठाइयों या पदार्थों को ताजा, बिना मिलावट और स्वच्छता से तैयार करते हैं, उनके पास से ही इसे खरीदना चाहिए।