पानीपत। नहरी विभाग की पानीपत माइनर वाली जमीन पर मॉडल टाउन के बाल विकास स्कूल से लेकर जाटल रोड स्थित शिव मंदिर तक काबिज लोगों के 103 मकानों पर फिर से संकट के बादल छा गए हैं। सोमवार से इन मकानों को गिराने के लिए विभाग ध्वस्तीकरण अभियान चलाएगा। जबकि सिंचाई विभाग शनिवार से बाल विकास स्कूल के पास बनाए गए विभाग के क्वार्टरों को गिराने का काम करेगा।
इस बार इस ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत जाटल रोड की साइड की बजाए मॉडल टाउन की तरफ से होगी। यहां बसे लोगों को अपना सामान उठाने या जगह की निशानदेही करवाने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। इसके लिए सिंचाई विभाग के जेई की ड्यूूटी तक लगा दी गई है। इस बात का फैसला शुक्रवार शाम स्थानीय लोगों, नहरी विभाग के एक्सईएन समेत प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद हो गया है। इसके बाद यहां काबिज लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
इससे पहले शुक्रवार सुबह अपने आशियानों को बचाने के लिए स्थानीय लोग जाटल रोड से पैदल मार्च करते हुए शहरी विधायक के आवास के बाहर पहुंचे थे। यहां धरना दिया और दोपहर को लंगर में खाना खाया। लोगों ने ठान ली थी कि चाहे जो हो जाए वे तब तक विधायक के घर के बाहर से नहीं हटेंगे जब तक उनके घरों को बचाने का पक्का आश्वासन उन्हें न मिल जाए।
इन लोगों से मिलने पार्षद लोकेश नांगरू और कांग्रेसी नेता संजय अग्रवाल भी पहुंचे। दोनों ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे उनके साथ हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई होती है तो मॉडल टाउन की तरफ से होगी जाटल रोड की तरफ से नहीं। उन्होंने मौजूदा लोगों को पांच सदस्यीय कमेटी बनाने के बाद उनके साथ डीसी से मिलने की सिफारिश तक की।
इसके बाद लोग शुक्रवार शाम को डीसी आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। यहां उपायुक्त सुशील सारवान समेत एसडीएम धीरज चहल, नहरी विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी, पार्षद लोकेश नांगरू भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद डीसी ने फैसला लिया कि नहरी विभाग की जमीन को हर हाल में कब्जा मुक्त किया जाएगा। ये भी आदेश दिए गए कि ध्वस्तीकरण का अभियान जाटल रोड की बजाए मॉडल टाउन से होगा। इस दौरान लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने काफी मिन्नतें भी की लेकिन अधिकारियों ने कानून का हवाला दे दिया।
सिंचाई विभाग के क्वार्टरों से ही होगी शुरुआत
लोगों ने डीसी के सामने मांग रखी कि अगर कार्रवाई करनी है तो मॉडल टाउन में बाल विकास स्कूल के पास सिंचाई विभाग के ही क्वार्टर हैं। उन्हें विभाग क्यों नहीं गिराता। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सिंचावई विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि पहले क्वार्टरों से ही ध्वस्तीकरण की शुरुआत करें। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि मौके पर विभाग के कई क्वार्टर खाली हैं जबकि कुछ में कर्मचारी रह रहे हैं। खाली क्वार्टरों को शनिवार को ध्वस्त कर दिया जाएगा। जिनमें कर्मचारी रह रहे हैं उन्हें आदेश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द इनको खाली करें। इसके बाद इनको भी गिरा दिया जाएगा।
सोमवार से होगी कार्रवाई : एसडीएम
स्थानीय लोगों ने जिला उपायुक्त के सामने अपनी दलील रखी थी। उपायुक्त ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद लोगों को अपना सामान उठाने और निशानदेही के लिए दो दिन की मोहलत तक दी गई। सोमवार से इस जमीन पर बने अवैध कब्जों को गिराया जाएगा। सिंचाई विभाग शनिवार से ही अपने क्वार्टरों को गिराने का काम करेगा। -धीरज चहल, एसडीएम, पानीपत।