पिता की बेरूखी से दुखी एक युवती ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। मृतका ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा जिसमें मृतका ने अपने पिता को ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
गन्नौर के जैन कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रही युवती शशि अपने पिता राकेश के खिलाफ एक कथित सुसाइड नोट भी छोड़ कर गई है। युवती की मां ने पुलिस को सुसाइड नोट और लिखित शिकायत देकर अपने पति राकेश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामला पानीपत के समालखा थाना के महावटी गांव का है। पुलिस को दी शिकायत में महिला मीना देवी ने बताया कि करीब 19 साल पहले उसकी शादी खरक (जाटान) निवासी राकेश के साथ हुई थी। उन्होंने बताया कि पति से अनबन होने के कारण वह पिछले करीब 12 साल से अपने दोनों बच्चों बेटी शशि और बेटे ईशांत को लेकर अपने मायके महावटी गांव में अपने माता पिता के साथ रह कर अपने बच्चों का भरण पोषण कर रही है।
जबकि उसके पति राकेश ने उनकी कभी कोई सुध तक नहीं ली और न ही कभी कोई खर्च दिया। बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उसके मायके वाले ही उठा रहे थे। उनकी बेटी गन्नौर के जैन कॉलेज से मेडिकल साइंस में बीएससी कर रही थी। बेटी शशि परिवार की आपसी कलह और पिता की बेरूखी से दुखी रहती थी।
मंगलवार 25 जून को जब वह अपनी ड्यूटी पर गन्नौर से महावटी गांव में भाई टिंकू के साथ जा रही थी तो भाई के मोबाइल पर घर से उसकी मां का फोन आया। उन्हें बताया गया कि शशि की तबीयत खराब है। वे दोनों भाई बहन घर पहुंचे तो शशि की हालत बिगड़ी हुई थी जिसे एंबुलेंस से पीजीआई खानपुर में भर्ती कराया।
जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला मीना के मुताबिक शशि की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। इतना ही नहीं जहर खाने से पहले शशि ने सुसाइड नोट लिख कर अपने पिता राकेश को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।