खिलाड़ियों को नशे के प्रतिबंधित इंजेक्शन बेचने का एक बड़े मामले का खुलासा पानीपत में हुआ है। आरोपी खुद पहलवानी करता है। वह खुद भी इंजेक्शन लगाने का आदी था। साथ ही स्टेडियम व अन्य स्थानों पर खिलाड़ियों को नशे के इंजेक्शन पहुंचाता था। खिलाड़ी उसके घर से भी इंजेक्शन खरीदकर ले जाते थे। पानीपत पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने गांजबड़ गांव निवासी पहलवान राजपाल से नशे के 3500 इंजेक्शन बरामद किए हैं।
आरोपी ने इनको घर में तूड़ी में छुपा रखा था। आरोपी की निशानदेही पर एक खरीदार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने खरीदार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि आरोपी पहलवान को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दो साल से नशे के इंजेक्शन बेच रहा था।
वह कम मेहनत व समय में अधिक पैसे कमाना चाहता था। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर संदीप व उनकी टीम ने नशे के प्रतिबंधित इंजेक्शन बेचने का मामला पकड़ा है। टीम ने बताया कि उनकी टीम गुरुवार को देर शाम को टोल प्लाजा के पास मौजूद थी।
उनको गुप्त सूचना मिली कि गांजबड़ गांव निवासी राजपाल अपने घर पर नशीले प्रतिबंधित इंजेक्शन बेच रहा है। पुलिस टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार पानीपत वीरेंद्र गिल को साथ मौके पर दबिश दी। आरोपी पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। टीम ने उसको पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान राजपाल निवासी गांजबड़ गांव के रूप में बताई।
पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उसके घर की तलाशी ली। यहां तूड़ी के कमरे से नशीले प्रतिबंधित इंजेक्शन की खेप बरामद हुई। इनमें 500 बुप्रेनॉफिन, 1400 पेंटाजोसाइन ओजैटसेल, 1600 पेंटाजाेसाइन पेफ्लिन नशीले प्रतिबंधित इंजेक्शन पाए गए।
प्रति इंजेक्शन 50 रुपये का मुनाफा
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह करीब दो साल से नशे के प्रतिबंधित इंजेक्शन बेच रहा है। वह शार्ट कट से पैसे कमाने चाहता था। इस पैसे से घर के साथ अपने खान-पान पर खर्च करता था। आरोपी ने बताया कि वह करहंस गांव निवासी दुष्यंत से 70 रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से खरीद कर लाता था। उससे आगे उसी गांव का युद्धवीर उससे 120 रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से खरीद ले जाता है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर युद्धवीर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सात नशीले प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए। आरोपी युद्धवीर ने पूछताछ में पुलिस को बताया वह खुद इंजेक्शन लगाने का आदी है। आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से आरोपी युद्धवीर को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया। आरोपी राजपाल को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से सप्लायर के ठिकानों का पता लगाएगी।
खटखटाते रहे नेताओं के फोन
आरोपी को छुड़वाने के लिए एक नेता ने पुलिस के पास फोन किया। उन्होंने आरोपी को छोड़ने की सिफारिश की और साथ ही आगे इस तरह का अपराध न करने का भरोसा भी दिया। पुलिस तब तक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुकी थी। ऐसे में नेताजी की सिफारिश भी काम नहीं आई।
एंटी नारकोटिक्स सेल ने नशे के प्रतिबंधित इंजेक्शन पकड़ने की बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी से पूछताछ कर सप्लायर तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस का प्रयास इस तरह की चेन को तोड़ने का रहता है। इसमें सफलता भी मिली है।
-अजीत सिंह शेखावत, एसपी, पानीपत।