अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बिजली, पानी, गली और नाली न बन पाने पर आक्रोशित वार्ड-23 की महिला पार्षद शीला ने पहले नगर निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) को सवा दो घंटे उनके कार्यालय में बंधक बनाकर रखा। मेयर सुरेश वर्मा और कांग्रेस समर्थित सात पार्षदों का साथ मिलने पर नगर निगम अधिकारियों के साथ कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद कार्यालय पर ताला जड़ दिया। एसई इस दौरान निगम कमिश्नर को फोन करते रहे, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस पर वे भी सबमर्सिबल दिखाने के बहाने कार्यालय छोड़कर चले गए। मेयर सुरेश वर्मा ने पार्षद और वार्डवासियों को दो दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन देकर ताला खुलवाया।
गुस्साईं वार्ड पार्षद ने दूसरे वार्डों में लगातार विकास कराने के आरोप लगाए। आरोप लगाया कि वार्ड के 14 टेंडरों के वर्क ऑर्डर नौ माह बाद भी जारी नहीं किए गए हैं। वार्ड में पीने का पानी तक नहीं है। महिलाओं ने मेज पीट-पीटकर समस्याएं हल करने की मांग की। कुछ महिलाएं कमिश्नर कार्यालय की मेज पर लेट र्गइं। नगर निगम कार्यालय में करीब साढ़े पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही।
वार्ड-23 की पार्षद शीला देवी वार्डवासी दर्जनों महिला और पुरुषों के साथ सोमवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के एडमिनिस्ट्रेटिव कार्यालय पहुंची। वहां निगम कमिश्नर वीना हुड्डा के न मिलने पर सभी एसई एनडी वशिष्ठ के कार्यालय पहुंच गए। वहां पार्षद और वार्डवासियों ने क्षेत्र में विकास न होने की बात कही। एसई ने बाहरी कॉलोनियों के अवैध होने के कारण विकास न होने की बात कही। साथ ही चंडीगढ़ से मंजूरी मिलते ही विकास कराने का आश्वासन दिया। इस पर पार्षद शीला ने कहा कि वार्ड में 14 टेंडर नौ माह पहले लगाए थे, लेकिन उनका आज तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया। दावा किया कि साथ लगते वार्ड-24 में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने वार्ड-24 में एक सड़क के निर्माण पर भी सवाल उठाए। वार्ड-10 पार्षद अशोक कटारिया ने पार्षद शीला और वार्डवासियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा बंद नहीं हुआ तो वे बाहर चले गए।
शहर से कई गुना अच्छा गांव था, रिश्तेदार भी नहीं आते
महिलाओं ने कहा कि उनके क्षेत्र के हालत बेहद खराब हैं। इस शहर से तो कई गुना अच्छा गांव है। कुलदीप नगर निवासी भजन कौर ने कहा कि बिजली आती नहीं है। आती है तो बिजली कर्मचारी छापा मारने पहुंच जाते हैं। महिला मीना देवी ने कहा कि कॉलोनी में गली कच्ची हैं। बारिश होते ही पानी भर जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। बाला देवी ने कहा कि वार्ड और कॉलोनी में पीने का पानी तक नहीं है। शकुंतला ने कहा कि बाहरी कॉलोनियों में उनके रिश्तेदार तक नहीं आते।
एसई के सारे आश्वासन हुए असफल
वार्ड-23 पार्षद शीला और वार्डवासी 11 बजे एसई कार्यालय पहुंचे। हंगामे के दौरान एसई ने कई बार लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। एसई ने वर्क ऑर्डर न होने को लेकर निगम कमिश्नर से बात करने के लिए कहा। उन्होंने निगम कमिश्नर वीना हुड्डा को फोन भी किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। एसई ने वहां से निकलने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने उठने नहीं दिया। इसके बाद एसई सबमर्सिबल की स्थिति दिखाने के नाम पर कार्यालय निकल सके।
एक-एक कार्यालय में जाकर अधिकारियों को निकाला
महिला पार्षद और वार्डवासियों ने एसई एनडी वशिष्ठ के जाने के बाद निगम कार्यालय पर ताला जड़ने का फैसला किया। इसके बाद सभी ने हर एक कार्यालय में जाकर वहां से कर्मचारियों और अधिकारियों को बाहर निकला दिया। पार्षद शीला ने कहा कि बाहरी कॉलोनियों को मिलाकर ही नगर परिषद को नगर निगम बनाया गया है। इन कॉलोनियों में ही काम नहीं हो रहे। उन्होंने इन कॉलोनियों में पंचायत चुनाव बहाल करने की मांग की। इसके बाद सभी ने करीब सवा दो बजे ताला जड़ दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी लोगों को समझाने पहुंचे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। मेयर सुरेश वर्मा ने करीब साढ़े तीन बजे पार्षद और महिलाओं को समझाकर ताला खुलवाया।
रेस्ट हाउस में निगम कमिश्नर के सामने रखी समस्या
नगर निगम कमिश्नर वीना हुड्डा अपने कार्यालय की बजाय रेस्ट हाउस में मिलीं। पार्षद शीला और वार्डवासी जानकारी होने पर वहां पहुंच गए। यहां पर एसई एनडी वशिष्ठ भी मिले। सभी ने कमिश्नर पर वार्ड की अनदेखी का आरोप लगाया। मेयर सुरेश वर्मा ने दो दिन में काम शुरू कराने का भरोसा देकर सबको शांत किया।
अन्य पार्षदों ने भी रोष प्रकट किया
पार्षद शीला के हंगामे की सूचना पर मेयर सुरेश वर्मा और कांग्रेस समर्थित पार्षद निगम कार्यालय पहुंच गए। मेयर ने पार्षद शीला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं। वार्ड-2 की पार्षद के ससुर मदन मजोका ने कहा कि नगर निगम में सेटिंग से काम हो रहे हैं। सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला के पति सुभाष बठला ने कहा कि निगम में हंगामे के बाद ही सुनवाई होती है। वार्ड-20 पार्षद पति बलजीत सिंह, वार्ड-17 पार्षद सुनील वर्मा, वार्ड-22 पार्षद प्रवेश नैन और वार्ड-6 पार्षद पति संजीव कुमार ने भी निगम अधिकारियों की अनदेखी पर रोष प्रकट किया।
महिलाओं को पीने तक के लिए पानी नहीं
वार्ड-23 की महिला और पुरुष सोमवार को पानी, गली और नाली की मांग को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन, उन्हें यहां पर पीने के लिए भी पानी नहीं मिला। निगम के वाटर कूलर खराब मिले। इससे सभी को प्यासा रहना पड़ा। मेयर सुरेश वर्मा ने पानी की बोतल मंगवाई।
बाहरी कॉलोनियों में विकास कार्यों पर रोक है। ऐसे में विकास नहीं कराया जा सकता। वार्ड-23 पार्षद और लोगों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। वार्ड में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को आदेश दिए हैं।
एनडी वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम पानीपत।