पानीपत के एक टेक्सटाइल कारोबारी से ऋषिकेश के एक व्यक्ति ने 12 लाख की ठगी की है। आरोपी ने 50 हजार रुपये खाते में डालकर कारोबारी का विश्वास जीता और उससे गलत पते पर माल मंगा लिया। पेमेंट मांगने पर आरोपी ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया। कारोबारी ने ऋषिकेश में पते पर जाकर जांच की तो खुलासा हुआ कि आरोपी उस जगह को 2020 में खाली कर चुका है। फर्जीवाड़ा होने पर कारोबारी ने मामले की शिकायत एसपी को दी, एसपी ने मॉडल टाउन थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है।
विश्वास जीतने के लिए 50 हजार रुपये खाते में डाले, फिर मंगवाया माल
देशराज कॉलोनी निवासी मयंक सिंगला ने बताया कि उनकी भारतीय टैक्सटाइल के नाम से फर्म है। फर्म से कंबल ट्रेडिंग का काम किया जाता है। उनका पुराना जानकार पुनित बंसल है, जिसने अक्तूबर 2022 में उनकी मॉडल टाउन में कपिल छाबड़ा से मुलाकात कराई, जिसकी ऋषिकेश में लुधियाना हौजरी के नाम से फर्म है। पुनित ने बताया था कि वह कपिल छाबड़ा को अच्छे तरीके से जानता है, वह ठीक आदमी है, आपसे माल लेता रहेगा और समय पर रुपये देता रहेगा।
पते पर गए तो हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
तीन नवंबर 2022 को फोन पर बात करने बाद व्हाट्सएप पर अपना जीएसटी नंबर और पता के रूप में जौहर कॉम्प्लैक्स, तिलक रोड, ऋषिकेश भेजा। उसने बैंक संबंधी जानकारी भी आपस में साझा की। जिसके बाद कपिल छाबड़ा ने उनकी फर्म में पहले 100 रुपये और फिर 50 हजार रुपये डाले। उन्होंने विश्वास कर आठ नवंबर को 12 लाख 6 हजार 975 रुपये का माल भेज दिया, जिसमें 18 किस्म के 7280 कंबल भेजे थे। उसने माल महादेव ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भेजा था।
पेमेंट मांगने पर चेक हुआ बाउंस
जिसके बाद उसने पेमेंट मांगी तो कपिल छाबड़ा ने जानकार पुनीत बंसल के माध्यम से नेशनल बैंक का 12.05 लाख रुपये का एक चेक भिजवाया। उन्होंने 30 दिसंबर 2022 को खाते में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। उन्होंने संपर्क किया तो फोन बंद मिला। उन्होंने अपने स्तर पर कपिल छाबड़ा के बारे में जांच कराई तो पता चला कि वह पहले भी कई लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
फर्म के बारे में पता किया हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
कारोबारी ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश में लुधियाना हौजरी फर्म के बारे में पता करवाया तो पता चला कि कपिल छाबड़ा ने एक मई 2016 को 11 माह के एग्रीमेंट पर तिलक रोड, ऋषिकेश निवासी साहिल दरगन से दुकान किराए पर ली थी। जिसमें वह काम कर रहा था। लॉकडाउन से पहले वह दुकान खाली कर चला गया था। आरोपी ने फर्जी पते पर माल मंगवाकर उनके साथ धोखाधड़ी की है।