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पानीपत: आठ वर्षीय मासूम बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को 20 साल कैद, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला

Mon, 21 Feb 2022 09:29 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश सुमित गर्ग की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया। दोषी पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत में आठ वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश सुमित गर्ग की अदालत ने दोषी करार दिया है। मामले में दोषी पिता को कोर्ट ने 20 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी पिता को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

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महिला थाना पुलिस को दी शिकायत में मूलरूप से उत्तर प्रदेश की फैजाबाद निवासी मां ने ही बेटी के पिता के खिलाफ केस दर्ज कराया था। मां ने पुलिस को बताया था कि वह फिलहाल पानीपत के एक गांव में रहकर मेहनत मजदूरी करती है। उसका एक बेटा और एक बेटी है। गत 14 अगस्त 2018 को वह काम पर गई थी। इसी बीच उनकी आठ वर्षीय बेटी रोते हुए उसके पास खेत में आई।

उसने बताया कि पिता ने घर में नशे में धुत होकर न सिर्फ उसके साथ मारपीट की बल्कि हवस का शिकार भी बनाया। इसके बाद मां बेटी को लेकर महिला थाने पहुंची और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया और आरोपी पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 376ए, बी, 376(2) पोक्सो एक्ट-6 के तहत रिपोर्ट दर्ज की।
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पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया और घटनास्थल की निशानदेही कराई, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। तीन साल से अधिक चली सुनवाई के बाद सोमवार को कोर्ट ने मामले में पिता को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। 

तीन दिन पहले दुष्कर्म के दो दोषियों को इसी अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा

अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश सुमित गर्ग की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 18 फरवरी को 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या करने के मामले में दोषी सागर और प्रदीप को फांसी की सजा सुनाई थीं। अदालत ने इस फैसले में सख्त टिप्पणी भी की थी।  उन्हीं की अदालत ने सोमवार को इस केस में भी फैसला दिया गया। 

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जानिए किस धारा के तहत कितनी सजा और जुर्माना
आईपीसी                   फैसला
376 ए बी           20 साल की सजा, 25 हजार जुर्माना, न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा
376(2)              20 साल की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना, न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा
पोक्सो एक्ट 6     20 साल की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना, न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा

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