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थाना शहर के अंतर्गत लगती बस स्टैंड पुलिस चौकी में हवलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अदालत में पेश कर भेजा न्यायिक हिरासत

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मुंशी ने सेवादार के साथ थाने में किया कुकर्म का प्रयास, आरोपी गिरफ्तार, एसपी ने किया सस्पेंड
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिस सदर थाने में ट्रेनी आईपीएस थाना प्रभारी हैं उसी के मुंशी ने थाने में ही सेवादार के साथ कुकर्म का प्रयास किया। हैरानी की बात तो यह रही कि थाना के कई मुलाजिमों ने मामले को दबाने का भी प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में जाते ही पूरे मामले का भंडा फूट गया। थाना शहर पुलिस ने सेवादार की शिकायत के आधार पर मुंशी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसपी राहुल शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मुंशी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया और मामले की जांच डीएसपी बली सिंह को सौंप दी। मुंशी द्वारा सेवादार के साथ कुकर्म के प्रयास का मामला पूरा दिन महकमे में चर्चा का विषय बना रहा।
मुंशी वजीर सिंह निवासी गांव कालवा, सफीदों, जींद ने थाने के सेवादार रायबरेली, यूपी के एक गांव निवासी के साथ कुुकर्म का प्रयास किया। सेवादार ने इसकी शिकायत थाना सदर पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने आरोपी मुंशी पर कार्रवाई करने की बजाय मामला दबाने का प्रयास किया। जिसके बाद सेवादार ने मामले की शिकायत थाना शहर के अंतर्गत लगती बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। उसने आरोप लगाया कि वह थाना सदर में सेवादार है और लंबे समय से यहां पर काम कर रहा है। वह वीरवार रात को थाने में था। मुंशी वजीर सिंह ने किसी काम से एकांत में बुलाया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। उसने मना किया तो उसको धमकी देनी शुरू कर दी। उसने आरोप लगाया कि मुंशी ने उसके साथ कुकर्म का प्रयास किया। वह मुश्किल से मुंशी से बचकर भागा। सेवादार की शिकायत के आधार पर बस स्टैंड चौकी पुलिस ने आरोपी मुंशी वजीर सिंह के खिलाफ धारा 377 व 511 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को मेडिकल करवाने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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यह है प्रावधान
कानून के जानकारों की माने तो धारा 377 के तहत दो लोग आपसी सहमति या असहमति से अप्राकृतिक संबंध बनाते हैं और दोषी करार दिए जाते हैं तो उनको दस साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। धारा 511 के तहत आजीवन कारावास के साथ दंडनीय अपराध को करने का प्रयास करना, लेकिन पूरा न हो पाना आता है। पुलिस ने ये दोनों धारा अपने मुकदमे में आरोपी मुंशी पर लगाई हैं।

पुलिस पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
16 फरवरी : सीआईए-वन पर पूछताछ के लिए लाए युवक को टॉर्चर करने का आरोप, युवक ने दोनों हाथों की काट ली थी नस।
17 फरवरी : गांव अटावला निवासी युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में लगा ली थी फांसी। परिजनों ने सीआईए पर लगाए थे पूछताछ के नाम पर थर्ड डिग्री देने के आरोप। परिजनों ने कहा गांव में आई पुलिस को देख भय के मारे लगा ली फांसी।
03 मार्च : महिला थाने में देसराज कॉलोनी निवासी महिला ने चुन्नी से फंदा लगा आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस पर लगाया आरोप आरोपी से पैसे लेकर की सांठगांठ।
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मैं किसी काम से बाहर हूं। मेरे थाने में इस तरह का कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। थाने में इस तरह का मामला गंभीर विषय है।
चंद्रमोहन, ट्रेनी आईपीएस, प्रभारी, थाना सदर।

यूपी के जिला राय बरेली के अंतर्गत एक गांव निवासी एक युवक थाना सदर सेवादारी करता था। उसने शिकायत देकर थाना सदर मुंशी वजीर पर कुकर्म करने के प्रयास का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर मुंशी के खिलाफ धारा 377 व 511 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को सस्पेंड कर दिया है। थाना सदर पुलिस ने आरोपी मुंशी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच डीएसपी बली सिंह को सौंप दी है।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
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