माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। फर्जी फर्म बनाकर 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक कूरियर कंपनी के अधिकारी अंशुल को कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्होंने दावा किया कि उनके एक दोस्त ने बैंक खाते में करीब डेढ़ लाख रुपये का लेन-देन किया था थी। जबकि बाकी सब लेन-देन सामान्य मिले हैं।
साइबर पुलिस ने फर्जी फर्म के नाम पर खाते खुलवाकर पांच माह में करीब 52 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला गत दिनों पकड़ा था। पुलिस की टीम ने बैंक खातों का विवरण खंगाला था। बैंक खातों की शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी खातों में काफी समय से लेन-देन चल रहा था। पुलिस ने अलग-अलग बैंकों से खातों की डिटेल और स्टेटमेंट मांगी थी। पुलिस ने इसमें प्रमोद, धर्मेंद्र, सुनील व अंशुल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। जहां से अदालत से सबको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अंशुल को इसमें जमानत मिल गई है। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म सेक्टर-23 के पत्ते पर पंजीकृत है। उनके जानकार आयुष का रियल एस्टेट का काम है। उन्होंने डेढ़ लाख का लेन-देन किया था। इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। उनसे पहले कंपनी के निदेशक गिरफ्तार किया था। वे खुद भी जांच में शामिल हुए थे।