पानीपत। नगर निगम ने अपनी गोबर प्रबंधन नीति को शहर के डेयरी संचालकों पर लागू किया है। इसके तहत अब शहर के डेयरी संचालकों को महज 30 दिन के अंदर निगम में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके लिए निगम की वेबसाइट पर फॉर्म उपलब्ध है। वहीं, आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भी निगम बड़े स्तर पर कार्रवाई करने जा रहा है। इसके तहत रजिस्ट्रेशन न करवाने वालों के पशुओं को जब्त कर गोशालाओं में भी भेजे जा सकते हैं। वहीं, दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं, इसकी शहरवासियों से इस पर सुझाव, शिकायत व सूचना के लिए निगम ने हेल्पलाइन नंबर 90344-20507 भी जारी किया है। इसके अलावा निगम के ई-मेल सेनिटेशन एमसीपी डॉट जीमेल डॉट कॉम पर भी संपर्क किया जा सकता है।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में निगम एरिया के अंतर्गत हजारों लोग अवैध तरीके से डेयरियां चलाए हुए हैं। डेयरियों से निकलने वाले गोबार को नालियों व सीवर में बहा दिया जाता है। इससे नालियां व सीवर चोक हो जातेे हैं। गोबर से मीथेन गैस निकलती है, जो कि सफाई कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। कई बार सीवर साफ करने वाले इस गैस की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए डेयरियों से निकलने वाले गोबर को वैज्ञानिक तकनीक से उपयोग में लाया जा सकता है ताकि शहर में साफ सफाई भी रहे और निकासी व्यवस्था बेहतर रहे। इसके लिए निगम क्षेत्र में डेयरियां चलाने वालों से रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की गई है।
इन पर होगी कार्रवाई
- निगम क्षेत्र में 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले डेयरी चलाने वालों के खिलाफ
- गोबर को खुले में, सड़क किनारे, सीवर व नालियों में डालने वालों के खिलाफ
- डेयरी परिसर या संपत्तियों पर बकाया नगर निगम के भुगतान न करने वालों पर
निगम करेगा गोबर की व्यवस्था- आयुक्त
शहर के सभी डेयरियों के रजिस्ट्रेशन के बाद निगम के पास आंकड़े होंगे कि शहर में कितनी डेयरियों में कितने पशु हैं। इसके बाद निगम शहर से गोबर बाहन ले जाने, इसे वैज्ञानिक तकनीक से निपटाने तक की व्यवस्था खुद करेगा। इसके लिए निगम प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के आधार पर डेयरी संचालकों से गोबार उठान के नाम पर शुल्क भी वसूलेगी। -रामकुमार सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।